
जहानाबाद: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी प्रगति यात्रा के तहत अरवल और जहानाबाद पहुंचे। जहानाबाद जिले के काको प्रखंड के धरहरा और काजीसराय गांव में विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया इसके सहित नगर परिषद क्षेत्र के राजा बाजार एवं इनडोर स्टेडियम का दौरा किया और योजनाओं का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री की इस यात्रा का उद्देश्य जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा करना और जनता की समस्याओं को समझना था कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और जल-जीवन-हरियाली जैसी विभिन्न सरकारी परियोजनाओं की प्रगति का निरीक्षण किया।
वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री की यात्रा को लेकर पूरे शहर में चाक चौबंद व्यवस्था थी। सुरक्षा घेरा ऐसा की पूरे शहर में बैरिकेडिंग की गई थी। शहर में किसी भी प्रकार के वाहन की एंट्री 11 बजे से 3 बजे तक नहीं था। लोगों को आवगमन में काफी परेशानियां हुई, पूरे दिन लोग शहर के एक छोर से दूसरे जगह तक पैदल यात्रा करते दिखे और प्रशासन के इस व्यवस्था के आगे लाचार और नाराज दिखे।
मुख्यमंत्री के लिए किए गए इस व्यवस्था से आम लोगों को हो रही परेशानी को लेकर महागठबंद के विधयकों ने मोर्चा खोल दिया। घोंसी विधायक रामबली सिंह यादव और अरवल विधायक महानंद सिंग ने अपनी गाड़ी छोड़ आमलोगो के समर्थन में पैदल मार्च किया। उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए इस यात्रा को दुर्गति यात्रा बताया।
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह किसी भी जन नेता या मुख्यमंत्री को शोभा नही देता, इस तरह लोगों को कैद करने की प्रक्रिया कभी भी लोकतंत्र में नहीं कि जा सकती, हम इसका विरोध करते है। यह पूरी तरह राजतंत्र है जहां राजा के आदेश पर सभी को बंद कर दिया है। सुनिये क्या कुछ कहा घोसी और अरवल विधायक ने
वहीं आम जन भी मुख्यमंत्री की इस यात्रा के बाद थोड़े नाराज दिखे। लोगो का कहना था कि मुख्यमंत्री आये और चले गए। उन्होंने फीता काटा और गाड़ी पर बैठ निकल गए। आमजन के लिए एक शब्द नही कहा। हमलोग यहां इसलिए आये थे ताकि मुख्यमंत्री से मुखातिब हो सके लेकिन उन्होंने हमलोगों से बात तक नही किया। सुनिये क्या कहा लोगों ने
Author: AK
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