
जहानाबाद: इस साल की चौथी और अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को जहानाबाद और अरवल में किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेश कुमार, डीएम, और एसपी ने संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया। लोक अदालत में अधिकतम मामलों के निपटारे के लिए दोनों जिलों में अलग-अलग न्यायपीठ का गठन किया गया।
जहानाबाद और अरवल में न्यायपीठ का गठन
जहानाबाद न्याय मंडल में लंबित मामलों के निपटारे के लिए कुल 10 न्यायपीठ का गठन किया गया, जिसमें से 9 न्यायपीठ व्यवहार न्यायालय में संचालित हुए। वहीं, अरवल न्यायालय में 4 न्यायपीठ का गठन किया गया। प्रत्येक न्यायपीठ में एक न्यायिक पदाधिकारी और एक पैनल अधिवक्ता को शामिल किया गया।
आपसी सहमति से समाधान पर जोर
जिला जज ब्रजेश कुमार ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य अधिकतम मामलों का निपटारा आपसी सहमति से करना है। उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता यह है कि पक्षकार बिना किसी तनाव और विवाद के अपने मामलों को सुलझा सकें।”
दर्जनों मामलों का निपटारा
लोक अदालत में आपराधिक, पारिवारिक, दीवानी, बैंक ऋण और अन्य प्रकार के मामलों का समाधान किया गया। सचिव रंजीत कुमार ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाना है। डीएम और एसपी ने भी लोक अदालत के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह पहल आम जनता को त्वरित न्याय दिलाने में सहायक होगी। लोक अदालत में आने वाले पक्षकारों को भी सकारात्मक समाधान की उम्मीद रही। इस आयोजन को जनता ने सराहा और इसे न्याय प्रणाली में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
Author: AK
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