
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार 8 मार्च 2025 को आयोजित होने वाली वर्ष की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष व्रजेश कुमार ने एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में जहानाबाद एवं अरवल जिले के न्यायिक पदाधिकारी शामिल हुए, जहां अरवल जिले के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
सुलहनिय मामलों की अधिकतम पहचान पर जोर
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व्रजेश कुमार ने बैठक में उपस्थित न्यायिक मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया कि आगामी लोक अदालत के लिए अधिक से अधिक सुलहनिय मामलों को चिन्हित किया जाए और उनकी नोटिस तैयार करवाई जाए। उन्होंने कहा कि अब तक उपलब्ध आंकड़े पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए प्रतिदिन प्री-सीटिंग के माध्यम से मामलों के निष्पादन के सार्थक प्रयास किए जाएं।
पिछली लोक अदालत से अधिक मामलों के निपटारे का लक्ष्य
बैठक के दौरान प्रधान जिला जज ने निर्देश दिया कि पिछले राष्ट्रीय लोक अदालत में किए गए मामलों से अधिक संख्या में केस निपटाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि आमजन को इसका अधिकतम लाभ देने के लिए सभी को विधिक मापदंडों का पालन करते हुए लचीला रुख अपनाना होगा, तभी ज्यादा मामले निस्तारित किए जा सकते हैं।
पारा विधिक स्वयंसेवकों की प्रतिनियुक्ति
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने यह भी बताया कि सभी न्यायालयों में पारा विधिक स्वयंसेवकों (PLV) की प्रतिनियुक्ति नोटिस कार्य में सहयोग के लिए पहले ही की जा चुकी है। उन्होंने सभी न्यायिक पदाधिकारियों से इस सुविधा का पूरा लाभ उठाने का निर्देश दिया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में रंजीत कुमार (सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण), कौशलेंद्र कुमार शुक्ला (मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी), अपर दंडाधिकारी प्रथम अदिति कुमारी, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी अनीश कुमार, अंकित रंजन, कुमारी डिंपी और आलोक कुमार (न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी) उपस्थित थे। वहीं, अरवल जिले के न्यायिक पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े। फिलहाल, राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता तेज हो गई है, जिससे अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन हो सके और जनता को न्यायिक राहत मिल सके।
Author: AK
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