जहानाबाद अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर आज एस.एस. कॉलेज, जहानाबाद के भूगोल विभाग एवं आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में “प्रकृति के साथ सामंजस्य और सतत विकास” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के भूगोल, गणित, अर्थशास्त्र और अंग्रेजी विभाग के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई।
कार्यक्रम की शुरुआत भूगोल विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. स्नेहा स्वरूप के प्रेरणादायक संबोधन से हुई। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति के बावजूद हमारी मूलभूत आवश्यकताएँ जैसे जल, भोजन, आवास, कपड़ा और दवा – सभी एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र पर निर्भर करती हैं। जैव विविधता न केवल हमारे स्वास्थ्य और आजीविका का आधार है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और परंपरा को भी संजोए रखने का माध्यम है। उन्होंने पर्यावरण प्रदूषण के बढ़ते खतरे और उससे मौसम व जीव-जगत पर पड़ने वाले प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए वृक्षारोपण, प्रदूषण नियंत्रण और संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से बचने की अपील की।
भूगोल विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. हुलेश मांझी ने बताया कि आज तीन चौथाई स्थलीय और दो-तिहाई समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र मानवीय गतिविधियों से प्रभावित हो चुके हैं। उन्होंने औद्योगिक विकास और जैव विविधता के संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
सहायक प्राध्यापक डॉ. सीमा कुमारी ने कहा कि जैव विविधता के संरक्षण और पुनर्स्थापन के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सामूहिक प्रयासों से सतत विकास को संभव बताया।
भाषण प्रतियोगिता में पूजा भारती, अन्नु कुमारी, सौरव कुमार समेत कई विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए और जैव विविधता संरक्षण को लेकर गहरी समझ और संकल्प का परिचय दिया।
यह आयोजन विद्यार्थियों में पर्यावरणीय जागरूकता और प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन शैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।
Jehanabad News: S.S. College organized a speech competition, students expressed their views on biodiversity conservation
Author: AK
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