
जहानाबाद नगर परिषद की बैठकों में लगातार बढ़ते हंगामे, तू-तू मैं-मैं और गाली-गलौज के बीच जनता में गहरी निराशा फैल रही है। मुख्य पार्षद, उपमुख्य पार्षद और वार्ड पार्षदों के बीच आए दिन होने वाले विवाद और कुर्सियां फेंकने की घटनाओं से जनता में रोष व्याप्त है। जहानाबाद की जनता जिन जनप्रतिनिधियों को उम्मीदों के साथ जीताकर नगर परिषद में भेजी थी, वे अब आपसी खींचतान में उलझे हुए हैं और विकास कार्य ठप पड़े हैं।
नगर परिषद में पार्षदों और अधिकारियों के बीच विकास कार्यों को लेकर तालमेल की भारी कमी देखी जा रही है। गलियों, नालियों और स्ट्रीट लाइट के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है। शहर में साफ-सफाई और मच्छर उन्मूलन जैसे बुनियादी कार्य भी प्रभावी ढंग से नहीं किए जा रहे।
जहानाबाद फुटपाथ दुकानदार संघ के जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार चोपड़ा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर नगर परिषद पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि—
- नगर परिषद में राजनीतिक षड्यंत्र कूट-कूट कर भरा जा चुका है।
- हर पदाधिकारी अपनी मनमर्जी से कार्य करना चाहता है, जिससे बार-बार बैठकें हंगामे की भेंट चढ़ रही हैं।
- शहर में करोड़ों रुपये विकास कार्यों के नाम पर खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन पुराने ढांचों को तोड़कर नए निर्माण की आड़ में बड़े पैमाने पर बंदरबांट हो रही है।
- पार्कों के सौंदर्यीकरण पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन मच्छरों के प्रकोप और सफाई व्यवस्था की अनदेखी की जा रही है।
फुटपाथ दुकानदारों के लिए वेंडिंग ज़ोन की मांग
फुटपाथ दुकानदार संघ ने लंबे समय से वेंडिंग ज़ोन की मांग उठाई थी, लेकिन नगर परिषद के पदाधिकारी इस मुद्दे को टालते आ रहे हैं। संघ का आरोप है कि मुख्य पार्षद, उपमुख्य पार्षद और वार्ड पार्षद इस मुद्दे पर पूरी तरह निष्क्रिय बने हुए हैं।
संघ ने घोषणा की है कि जल्द ही मार्केट कमेटी, कृषि फार्म और सब्जी मंडी में बैठक कर नगर परिषद के खिलाफ रणनीति तैयार की जाएगी और विरोध दर्ज कराया जाएगा।
नगर परिषद की स्थिति को देखते हुए जनता यह सवाल पूछ रही है कि क्या जहानाबाद में विकास कार्य कभी सुचारू रूप से पूरे हो पाएंगे, या फिर नगर परिषद केवल राजनीतिक अखाड़ा बना रहेगा?
Author: AK
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