सिकरिया स्थित फर्नीचर फैक्ट्री में हादसा, परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप।
जहानाबाद जिले के सिकरिया स्थित एक फर्नीचर फैक्ट्री में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। फैक्ट्री में काम कर रहे एक मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी और सन्नाटे का माहौल बन गया। मृतक की पहचान अरविंद कुमार के रूप में हुई है, जो जहानाबाद के छोटी कल्पा गांव का निवासी था। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में सवेरा कंपनी के गोदरेज अलमारी और अन्य फर्नीचर बनाए जाते हैं। जानकारी के अनुसार, अरविंद कुमार ट्रांसफार्मर के पास काम कर रहे थे, तभी अचानक करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।

परिजनों का आरोप है कि अरविंद कुमार की बहाली किसी अन्य कार्य के लिए की गई थी, लेकिन कंपनी प्रबंधन की लापरवाही के कारण उनसे बिजली से जुड़ा काम कराया गया। उनका कहना है कि मृतक को इस तरह के तकनीकी कार्य की कोई जानकारी या प्रशिक्षण नहीं था। परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, कंपनी के डायरेक्टर सुजीत कुमार ने बताया कि अरविंद कुमार की नियुक्ति जनरेटर और लाइन मेंटेनेंस के कार्य के लिए हुई थी। उन्होंने माना कि आज स्टाफ की कमी थी, जिसके कारण उन्हें यह काम करना पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि सामान्यतः इस तरह के कार्य के लिए बाहर से बिजली विभाग के मिस्त्री बुलाए जाते थे, लेकिन आज अरविंद कुमार ने स्वयं यह काम करने का निर्णय लिया। कंपनी डायरेक्टर के अनुसार, जांच के दौरान पता चला कि ट्रांसफार्मर का नीचे का स्विच बंद था, लेकिन ऊपर का 11 हजार वोल्ट का स्विच चालू रह गया था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। घटनास्थल से लेकर सदर अस्पताल तक प्रशासन की नजर बनी हुई है। पुलिस स्थानीय लोगों और फैक्ट्री कर्मियों से पूछताछ कर रही है। वहीं, कंपनी प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। डायरेक्टर ने कहा कि इस मामले को लेकर कंपनी में बैठक की जाएगी और उचित निर्णय लेकर परिजनों को सहायता राशि प्रदान की जाएगी। फिलहाल शब को प्रशासन अपने कब्जे पर लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में जुट गई है और उनका कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद जो रिपोर्ट आएगी उसे पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी
Jehanabad News: Laborer dies due to electric shock, panic in factory



















