सुबह मां से की थी वीडियो कॉल, कहा था— “थोड़ा जल्दी में हूं, बाद में बात करूंगा”
जहानाबाद देश सेवा के दौरान असम में हुए एक दर्दनाक विमान हादसे में जहानाबाद जिले के हुलासगंज प्रखंड अंतर्गत बनवरिया गांव के वीर सपूत एवं भारतीय वायुसेना के फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार (25) शहीद हो गए। शनिवार को असम के जोरहाट वायुसेना स्टेशन पर भारतीय वायुसेना का AN-32 परिवहन विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में शुभम सहित पांच वायुसेना कर्मियों की मौत हो गई, जबकि सह-पायलट गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है।शहादत की खबर मिलते ही बनवरिया गांव समेत पूरे जहानाबाद जिले में शोक की लहर दौड़ गई। घर में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग अपने लाल की शहादत पर गर्व भी कर रहे हैं और उसकी असामयिक मृत्यु से गहरे सदमे में भी हैं।
सुबह मां से हुई थी आखिरी बातचीत
परिजनों के अनुसार शनिवार सुबह करीब नौ बजे शुभम ने घर पर वीडियो कॉल कर अपनी मां से बात की थी। उस समय वह पूरी तरह सामान्य और प्रसन्न दिखाई दे रहे थे। समय की कमी होने के कारण उन्होंने संक्षिप्त बातचीत करते हुए कहा था, “अभी थोड़ा जल्दी में हूं, फ्री होकर आराम से बात करूंगा।” किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह उनकी आखिरी बातचीत साबित होगी।
भाई ने फोन किया तो मिली हादसे की पुष्टि
शहीद के छोटे भाई सत्यम ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे उन्हें हादसे की सूचना मिली, लेकिन शुरुआत में परिवार को इस पर विश्वास नहीं हुआ। बाद में जब शुभम के मोबाइल नंबर पर दोबारा संपर्क किया गया, तब हादसे की पुष्टि हुई। यह खबर सुनते ही पूरा परिवार सदमे में डूब गया।
किसान के बेटे ने मेहनत के दम पर हासिल किया था मुकाम
शुभम के पिता अमरेंद्र आनंद एक साधारण किसान हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों वाले परिवार से निकलकर शुभम ने अपनी प्रतिभा, लगन और कठिन परिश्रम के बल पर वर्ष 2021 में भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में चयन प्राप्त किया था। अपनी मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा के कारण उन्होंने कम समय में ही उत्कृष्ट पहचान बनाई थी।
देश सेवा को दी प्राथमिकता, शादी से किया था इंकार
परिजनों ने बताया कि घर में शुभम की शादी को लेकर चर्चा चल रही थी, लेकिन उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान करियर और देश सेवा की जिम्मेदारियों पर है। यही कारण था कि उन्होंने विवाह का प्रस्ताव टाल दिया था।
मिलनसार स्वभाव के थे शुभम
गांव के लोगों के अनुसार शुभम बेहद सरल, विनम्र और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। छुट्टियों में गांव आने पर वे सभी लोगों से आत्मीयता के साथ मिलते थे। उनकी सफलता और उपलब्धियों पर पूरे क्षेत्र को गर्व था। आज वही गांव अपने होनहार बेटे को खोने के दर्द से व्यथित है।फिलहाल शहीद के घर पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों का लगातार आना-जाना लगा हुआ है। पूरा गांव नम आंखों से अपने वीर सपूत के पार्थिव शरीर के पैतृक गांव पहुंचने का इंतजार कर रहा है। देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जहानाबाद के वीर सपूत फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार को शत-शत नमन। उनकी शहादत को देश सदैव याद रखेगा।
Jehanabad News: Air Force aircraft crashes in Assam; brave son of Jehanabad martyred.



















