
जहानाबाद काको की फरहा निशात ने 32वीं बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा पास कर जज बनने का गौरव हासिल किया है। उनकी इस सफलता से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा क्षेत्र गौरवान्वित है। फरहा निशात अब लड़कियों और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। फरहा की प्रारंभिक शिक्षा काको में हुई। उन्होंने क्लैट परीक्षा पास करने के बाद हिदायतुल्लाह नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, रायपुर से 2018 में कानून की पढ़ाई पूरी कर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में लॉ क्लर्क सह रिसर्च असिस्टेंट के रूप में काम किया। जिससे उन्हें न्यायिक प्रक्रिया को नजदीक से समझने का अवसर मिला। इसके बाद बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और पहली ही बार में सफलता प्राप्त कर ज़िला को गौरवान्वित किया। फरहा की मां, अकबरी खातून, गृहिणी हैं और उनके पिता निशात अख्तर, सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने अपनी बेटी की इस सफलता पर गर्व जताया और कहा कि यह पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। फरहा निशात ने अपने परिश्रम और लगन से साबित कर दिया कि यदि ईमानदारी और मेहनत के साथ लक्ष्य को साधा जाये तो सफलता अवश्य मिलती है। उनकी सफलता ने खासकर महिलाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित किया है। फरहा ने यह साबित कर दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।



















