
दिल्ली में रेखा गुप्ता के मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने के बाद सोमवार से विधानसभा का विशेष सत्र चल रहा है। यह सत्र 27 फरवरी तक चलेगा। आज मंगलवार को विधानसभा में विशेष सत्र का महत्वपूर्ण दिन है। भाजपा के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में पिछली सरकार के कार्यों पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 14 लंबित रिपोर्ट पेश करेगी। उपराज्यपाल के अभिभाषण के बाद इन्हें पेश किया जाएगा। इसके लिए विधानसभा की ओर से तैयारी हो चुकी है। जिस तरह से भाजपा इन रिपोर्ट को लेकर आक्रामक है, इससे जाहिर है कि आप नेताओं की परेशानी बढ़ने वाली है। आप संयोजक व पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित दिल्ली सरकार में मंत्री रहे आप के सभी प्रमुख नेता इन रिपोर्ट के दायरे में आ रहे हैं।
रिपोर्ट में आबकारी मामला व मुख्यमंत्री रहने के दौरान केजरीवाल के आवास में पुनर्निमाण सहित यमुना व वायु प्रदूषण सहित विभिन्न मामले शामिल हैं। राज्य के वित्त, सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे, वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण, शराब विनियमन और दिल्ली परिवहन निगम के कामकाज की समीक्षा भी शामिल है। भाजपा का आरोप है कि आप प्रशासन ने रिपोर्ट को रोक रखा था। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पिछले गुरुवार को घोषणा की थी कि नई सरकार के पहले सत्र में सभी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएंगी। भाजपा ने आप के कार्यकाल के दौरान बार-बार इन रिपोर्टों को जारी करने की मांग की थी, यहां तक कि सरकार को इन्हें पेश करने का निर्देश देने के लिए अदालत का दरवाजा भी खटखटाया था। सीएजी रिपोर्ट में ‘6 फ्लैग स्टाफ रोड’ पर स्थित सीएम आवास, जिसे शीशमहल कहा जा रहा है, उसके रिनोवेशन में गंभीर अनियमतताओं का मुद्दा उठाया गया है।
यह भी पढ़े: TRAI ने जारी किए नए सिम कार्ड Rule, अब नहीं करवाना पड़ेगा महंगा रिचार्ज, यहां देखें पूरी डिटेल्स
शीशमहल को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर लगे हैं गंभीर आरोप–
इस शीशमहल को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगे हैं। पेश होने वाली सीएजी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस शीशमहल के नवीनीकरण में नियमों का उल्लंघन हुआ है। इतना ही नहीं, ये भी आरोप हैं कि इस सीएम आवास में कैंप ऑफिस और स्टाफ ब्लॉक को भी शामिल कर लिया गया है। इसे लेकर सीएजी की रिपोर्ट में पूर्ववर्ती केजरीवाल की सरकार पर लगे आरोपों के खुलासे हो सकते हैं। सीएजी की रिपोर्ट में सीएम आवास की मरम्मत से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं, जिसमें कथित तौर पर ऑडिट में प्रोजेक्ट की योजना, निविदा और कामकाज में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गईं हैं।
बताया गया कि साल 2020 में यह प्रोजेक्ट 7.61 करोड़ रुपये पर मंजूर किया गया था, लेकिन अप्रैल 2022 तक इसमें 33.66 करोड़ की लागत लग गई। ऐसे में आप और बीजेपी के बीच घमासान होने के पूरे आसार है। बीते दिन भी विपक्ष ने सीएम कार्यालय से बाबा साहेब अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीर हटाने को लेकर जोरदार हंगामा किया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि भाजपा ने विधानसभा में सीएम कार्यालय से बाबा साहेब अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें हटाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो लगा दी है। उन्होंने इसे दिल्ली सरकार द्वारा सिख विरोधी और दलित विरोधी एक्शन बताया। आतिशी ने इसके अलावा महिलाओं को 2500 रुपये देने के मामले पर भी दिल्ली सरकार को घेरने का प्रयास किया। दिल्ली विधानसभा में आज पेश होने वाली कैग रिपोर्ट पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, “कैग रिपोर्ट अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप-दा पार्टी के भ्रष्टाचार को उजागर करेगी। न्याय के हित में यही होगा कि दिल्ली के करदाताओं का पैसा जो अरविंद केजरीवाल ने अपने निजी भ्रष्टाचार के लिए लूटा है, उसे दिल्ली की जनता को वापस किया जाए। यह जानते हुए कि दिल्ली की जनता के सामने उनके भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो जाएगा, अरविंद केजरीवाल की ‘आप-दा’ पार्टी बौखला गई है।
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !


















