
त्रिदेव मंदिर में 31 जनवरी तक जारी रहेगा धार्मिक अनुष्ठान, संत प्रभु दास महाराज दे रहे प्रवचन
जहानाबाद शहर के बड़ी ठाकुरबाड़ी स्थित संगम पर भगवान शिव एवं शनिदेव मंदिर स्थापना समारोह में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भगवान शिव एवं शनिदेव मंदिर स्थापना समिति द्वारा 22 जनवरी से 31 जनवरी 2025 तक चल रहे इस दस दिवसीय अनुष्ठान में हर दिन भक्तों की भारी भीड़ जुट रही है। मंदिर समिति के अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह, सचिव सोहन प्रसाद कक्कू और कोषाध्यक्ष अनुप कुमार कुश ने संयुक्त रूप से बताया कि आम जनता की इच्छा के अनुरूप इस मंदिर का नामकरण “त्रिदेव मंदिर” किया गया है।
मंदिर का ऐतिहासिक महत्व और भव्य पुनर्निर्माण
मुख्य पुजारी पंडित अरविंद मिश्र ने बताया कि इस मंदिर की स्थापना सन् 1952 के ज्येष्ठ माह में स्वर्गीय रामावतार लाल (पुत्र स्व. जगदेव सहाय) द्वारा की गई थी, लेकिन समय के साथ मंदिर जीर्ण-शीर्ण हो गया था। इसे मंदिर निर्माण समिति के प्रयासों और जनसहयोग से भव्य रूप में पुनर्निर्मित किया गया है।
मंदिर में भगवान शिव की डेढ़ टन वजनी प्रतिमा और साढ़े तीन टन वजनी नंदी की प्रतिमा स्थापित की गई है, जो श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इसके अलावा, भगवान गणेश, कार्तिकेय, माता पार्वती, भगवान कुबेर, शनिदेव और महामृत्युंजय महादेव की भव्य मूर्तियों की भी स्थापना की गई है। 31 जनवरी को सभी मूर्तियों के पट खोल दिए जाएंगे।
मंदिर समिति के सदस्य धर्मवीर कुमार, मनोज कुमार, आलोक श्रीवास्तव, सूरज कुमार और मुख्य पुजारी पंडित अरविंद मिश्र ने बताया कि 21 जनवरी से प्रतिदिन संध्या 5:00 बजे से रात्रि 9:30 बजे तक अयोध्या धाम से आए संत प्रभु दास जी महाराज का प्रवचन हो रहा है। वे भगवत महिमा का विस्तृत वर्णन कर रहे हैं, जिसे सुनने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। 31 जनवरी तक चलने वाले इस प्रवचन कार्यक्रम के समापन पर भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
यज्ञ मंडप में जारी पूजा-अर्चना, श्रद्धालु कर रहे परिक्रमा
संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, यज्ञ मंडप में मूर्ति स्थापना हेतु पूजा-अर्चना निरंतर जारी है। सैकड़ों श्रद्धालु यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर रहे हैं और भक्ति-भाव से इस धार्मिक आयोजन में भाग ले रहे हैं।
भगवान श्रीराम और सीता माता के जन्म का भावविभोर करने वाला वर्णन
आज के प्रवचन में संत प्रभु दास जी महाराज ने भगवान श्रीराम के बाल रूप और माता सीता के जन्म की कथा का अत्यंत रोचक वर्णन किया, जिसे श्रद्धालु भावविभोर होकर सुनते रहे।
जनसहयोग से हो रहा मंदिर जीर्णोद्धार
उल्लेखनीय है कि मंदिर का जीर्णोद्धार धर्महित कार्यकारिणी समिति द्वारा कराया जा रहा है और इसमें आम लोग तन, मन, धन से योगदान दे रहे हैं। इस धार्मिक आयोजन में भक्तों की अपार श्रद्धा और सहयोग देखने को मिल रहा है।
31 जनवरी को मंदिर का पट उद्घाटन, विशाल भंडारा और समापन समारोह में भाग लेने के लिए श्रद्धालुओं से अपील की गई है।
Author: AK
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