DW Samachar – Header
BREAKING

दिल्ली की सीएजी के रिपोर्ट में पक्ष कसूरवार या विपक्ष का झूठा बवाल

दिल्ली में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानि सीएजी की रिपोर्ट आते ही पक्ष एवं विपक्ष की बयानबाजी और एक दूसरे पर आरोप लगाने का कारवां शुरु हो चुका है। अरविंद केजरीवाल इसको अपने ईमानदारी के सबूत के तौर पर पेश कर रहे हैं तो नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी इससे केजरीवाल सरकार की पोल खोलने … Read more

Arvind Kejriwal
CAG report shows Delhi govt running in profit
CAG report shows Delhi govt running in profit
JOIN OUR WHATSAPP GROUP

दिल्ली में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानि सीएजी की रिपोर्ट आते ही पक्ष एवं विपक्ष की बयानबाजी और एक दूसरे पर आरोप लगाने का कारवां शुरु हो चुका है। अरविंद केजरीवाल इसको अपने ईमानदारी के सबूत के तौर पर पेश कर रहे हैं तो नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी इससे केजरीवाल सरकार की पोल खोलने और सरकार की असफलताओं को उजागर करने का सबूत दे रहे हैं।

केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में कैग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार के पास 2015-16 से 2019-20 तक अतिरिक्त राजस्व था। हालांकि, उसने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार राजस्व अधिशेष (रेवेन्यू सरप्लस) इसलिए बनाए रख पाई क्योंकि उसके कर्मचारियों की पेंशन का खर्च केंद्र सरकार वहन करती है और दिल्ली पुलिस का खर्च केंद्रीय गृह मंत्रालय उठाता है। उन्होंने इस रिपोर्ट पर ट्वीट भी किया कि दिल्ली में जब से आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है, तब से दिल्ली सरकार फायदे में चल रही है। यह आप सरकार की ईमानदारी का सबसे बड़ा सबूत है। इसी ईमानदारी ने हमारे विरोधियों की नींद उड़ा रखी है।

Digital Women Trust

केजरीवाल के इस ट्वीट पर नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने एक बयान जारी कर कहा कि आप सरकार हर मोर्चे पर फेल है। 88 फीसदी अनधिकृत कॉलोनियों में सरकार सीवर उपलब्ध नहीं करा पाई है। मजदूरों के कल्याण के रूप में वसूली गई राशि में से 94 फीसदी का इस्तेमाल ही नहीं किया गया। डीटीसी को 5280 करोड़ रुपये का नुकसान एक साल में ही हो गया। दिल्ली की हाउसिंग प्लानिंग भी पूरी तरह फेल हो गई है। उन्होंने कहा कि बिल्डर और अन्य निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों के कल्याण के लिए लगाए गए टैक्स के रूप में सरकार ने 3273.64 करोड़ रुपये वसूल किए। इस राशि में से सिर्फ 182.88 करोड़ रुपये मजदूरों के कल्याण पर खर्च हुए।

बिधूड़ी का कहना है कि 1797 कॉलोनियों में दिसंबर 2018 तक पीने का पानी मुहैया कराने का टारगेट था, लेकिन सरकार केवल 353 कॉलोनियों में ही पानी पहुंचा पाई। आप सरकार टैंकर माफिया को खत्म करने के नाम पर सत्ता में आई लेकिन 38 फीसदी टैंकरों पर जीपीएस ही नहीं पाया गया और 572 कॉलोनियों में अब भी टैंकरों से ही पानी की सप्लाई होती है। इसी तरह से भाजपा शुरु से ही परिवहन और जलबोर्ड में कथित तौर पर भ्रष्टाचार पर सवाल उठाती रही है। जिसका उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जलबोर्ड पर 27 हजार 660 करोड़ रुपये की बकाया राशि है। एक साल में ही डीटीसी को 05 हजार 280 करोड़ 50 लाख रुपये का घाटा हो गया। इस तरह से भाजपा द्वारा केजरीवाल सरकार पर लगाए जा रहे इस स्पष्टिकरण को लेकर मिली जानकारी के अनुसार कल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता प्रेसवार्ता करेंगे।

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Relates News

Advertisement

Rudra enterprises - Devanshu Deepak Jehanabad
⚡ लाइव अपडेट
खबरें लोड हो रही हैं…

लेटेस्ट न्यूज़