बिहार में नए साल से कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और कोल्ड-डे का अलर्ट जारी। 25 जिलों में शीतलहर, गया-राजगीर में शिमला जैसा मौसम।
Bihar Weather Alert: Severe Cold and Dense Fog Ahead
परिचय: नए साल की शुरुआत ठिठुरन के साथ
नए साल का स्वागत आमतौर पर उत्साह, जश्न और नई उम्मीदों के साथ किया जाता है, लेकिन इस बार बिहार में साल 2026 की शुरुआत हड्डी कंपा देने वाली ठंड, घने कोहरे और कोल्ड-डे के बीच होने जा रही है। बीते कुछ दिनों से राज्य के कई हिस्सों में ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। दिन में धूप निकलने के बावजूद राहत नहीं मिल रही, जबकि शाम होते ही ठंडी पछुआ हवाएं लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर रही हैं।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, नए साल के पहले दिन भी बिहार के बड़े हिस्से में ठंड, कोहरा और शीत दिवस जैसी स्थिति बनी रहेगी। खासतौर पर गया, राजगीर और नालंदा जैसे इलाकों में मौसम शिमला जैसा महसूस किया जा रहा है।
बिहार में ठंड और कोहरे का मौजूदा हाल
चार दिन बाद निकली धूप भी नहीं बनी राहत
हाल के दिनों में जब चार दिन बाद धूप निकली, तो लोगों को उम्मीद थी कि ठंड से कुछ राहत मिलेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, साफ आसमान और तेज पछुआ हवाओं के कारण रात और सुबह का तापमान और नीचे चला गया।
शाम ढलते ही ठंडी हवाओं ने एक बार फिर पूरे बिहार को अपनी गिरफ्त में ले लिया, जिससे ठिठुरन और बढ़ गई।
कोहरा बना सबसे बड़ी चुनौती
सुबह के समय घना कोहरा जनजीवन और यातायात दोनों को प्रभावित कर रहा है। कई जिलों में दृश्यता 600 से 700 मीटर तक सिमट गई है, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ा है।
नए साल के दिन कैसा रहेगा मौसम
1 जनवरी को कोल्ड-डे का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 जनवरी को बिहार के कई जिलों में कोल्ड-डे और घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, जब तक पश्चिमी विक्षोभ कमजोर नहीं पड़ता और पछुआ हवाओं की रफ्तार कम नहीं होती, तब तक ठंड से राहत की संभावना कम है।
उत्तर बिहार में ज्यादा असर
2026 के पहले दिन उत्तर बिहार के सभी 19 जिलों में घना कुहासा और कोल्ड-डे रहने का अनुमान है। इसमें शामिल हैं:
- मुजफ्फरपुर
- दरभंगा
- पूर्णिया
- गोपालगंज
- सीवान
इन इलाकों में पूरे दिन कनकनी बनी रहेगी और पछुआ हवाएं चलती रहेंगी।
दक्षिण बिहार में भी ठंड का सितम
भागलपुर, नवादा, गया, पटना, बक्सर और कैमूर जैसे दक्षिण बिहार के जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। हालांकि यहां कोल्ड-डे की स्थिति कुछ जगहों पर हल्की रह सकती है, लेकिन ठंड का असर बना रहेगा।
गया से नालंदा तक कंपकंपी, राजगीर सबसे ठंडा
न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट
मंगलवार को बिहार में न्यूनतम तापमान 7.7 से 12.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।
राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस राजगीर में रिकॉर्ड किया गया, जो ठंड की गंभीरता को दर्शाता है।
दिलचस्प तापमान का रिकॉर्ड
राजगीर और शेखपुरा में जहां न्यूनतम तापमान सबसे कम रहा, वहीं अधिकतम तापमान भी इन्हीं इलाकों में सबसे अधिक 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दिन में कुछ देर की धूप ने हल्की राहत दी, लेकिन शाम चार बजे के बाद ठंडी हवाओं ने फिर से असर दिखाना शुरू कर दिया।
25 जिलों में कोल्ड-डे और घने कुहासे का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र पटना की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने 31 दिसंबर को राज्य के 25 जिलों में कोल्ड-डे और घने कुहासे का अलर्ट जारी किया है।
उत्तर, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के कई जिलों में सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका है।
दृश्यता में भारी गिरावट
- वाल्मीकिनगर में घना कुहासा छाया रहा, जहां दृश्यता घटकर 700 मीटर रह गई।
- पूर्णिया में इससे पहले दृश्यता 600 मीटर तक पहुंच गई थी।
इसका सीधा असर सड़क यातायात, ट्रेन संचालन और हवाई सेवाओं पर पड़ रहा है।
धूप के बावजूद ठंड क्यों बढ़ रही है?
मौसम वैज्ञानिकों की राय
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जहां धूप निकल रही है, वहां ठंड का अहसास और तेज हो रहा है। इसका कारण है कि साफ मौसम में धरती की सतह की गर्मी तेजी से आकाश में निकल जाती है।
पछुआ हवाओं का असर
उत्तर दिशा से आ रही ठंडी पछुआ हवाएं इस प्रभाव को और बढ़ा रही हैं। यही वजह है कि दक्षिणी बिहार में धूप निकलने के बावजूद ठिठुरन बनी हुई है और सुबह-शाम ठंड ज्यादा महसूस हो रही है।
ठंड का असर जनजीवन और स्कूलों पर
स्कूलों में छुट्टी का फैसला
अत्यधिक ठंड को देखते हुए पटना जिले में सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा आठ तक की पढ़ाई 2 जनवरी तक बंद कर दी गई है।
कक्षा आठ से ऊपर की पढ़ाई सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक संचालित होगी।
प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी भी बंद
प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। हालांकि बोर्ड और प्री-बोर्ड परीक्षाओं से जुड़ी गतिविधियां तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी।
ठंड में सावधानी क्यों जरूरी
स्वास्थ्य पर प्रभाव
अत्यधिक ठंड बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए खतरनाक हो सकती है। सर्दी-जुकाम, बुखार और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ने का खतरा रहता है।
जरूरी सावधानियां
- सुबह और रात के समय बाहर निकलने से बचें
- गर्म कपड़े और ऊनी वस्त्र पहनें
- कोहरे में वाहन चलाते समय फॉग लाइट का प्रयोग करें
- मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें
निष्कर्ष: नए साल का स्वागत ठंड से बचाव के साथ
कुल मिलाकर, बिहार में ठंड का सितम फिलहाल थमने वाला नहीं दिख रहा है। कोहरा, कोल्ड-डे और गिरता तापमान नए साल के स्वागत को भी कंपकंपाती ठंड में बदल सकता है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सावधानी बरतें और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें।
अगर सतर्कता रखी जाए, तो इस कड़ाके की ठंड के बीच भी नया साल सुरक्षित और स्वस्थ तरीके से शुरू किया जा सकता है।
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Author: AK
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