भाजपा ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए 71 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की है। जानिए किन नेताओं को टिकट मिला और कौन बाहर हुआ।
Bihar Assembly Elections 2025: BJP Releases First List of Candidates
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: बीजेपी ने जारी की पहली लिस्ट, जानिए किसे मिला टिकट और कौन हुआ बाहर
चुनावी समर की शुरुआत
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने 71 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट के जारी होते ही राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। भाजपा इस बार कुल 101 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, और बाकी सीटें एनडीए के सहयोगी दलों के हिस्से में गई हैं।
इस सूची में अनुभवी नेताओं से लेकर नए चेहरों तक को जगह दी गई है। वहीं, कुछ वरिष्ठ नेताओं के टिकट कटने से पार्टी के अंदर हलचल देखी जा रही है। आइए जानते हैं विस्तार से कौन-कौन इस पहली सूची में शामिल हैं, और किन्हें टिकट नहीं मिला।
BJP releases first list of 71 candidates for Bihar Assebly elections. Deputy CM Samrat Choudhary to contest from Tarapur, Deputy CM Vijay Kumar Sinha from Lakhisarai, State Minister Nitin Nabin from Bankipur and Renu Devi to contest from Bettiah. pic.twitter.com/brXr2q2Ym7
— ANI (@ANI) October 14, 2025
पहली लिस्ट में बड़े नाम शामिल
भाजपा की पहली सूची में दोनों उपमुख्यमंत्री — सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को टिकट मिला है।
- सम्राट चौधरी को तारापुर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।
- विजय सिन्हा को लखीसराय से टिकट मिला है।
इसके अलावा राज्य सरकार के कई मंत्री और वरिष्ठ नेता भी इस लिस्ट में शामिल हैं, जिनमें मंगल पांडे, नीतीश मिश्रा, नीरज कुमार बबलू, जीवेश मिश्रा, राजू सिंह, कृष्ण कुमार मंटू, सुरेंद्र मेहता, डॉ. सुनील कुमार, संजय सरावगी और डॉ. प्रेम कुमार प्रमुख हैं।
इस लिस्ट में 9 महिला उम्मीदवारों को भी जगह दी गई है, जो भाजपा के महिला सशक्तिकरण के एजेंडे को दर्शाता है।
महिला उम्मीदवारों को मिली अहम भूमिका
भाजपा ने इस बार महिलाओं को भी चुनावी रणभूमि में बड़ी भूमिका दी है। पहली सूची में शामिल महिला उम्मीदवार हैं:
- रेणु देवी (बेतिया)
- गायत्री देवी (परिहार)
- देवंती यादव (नरपतगंज)
- स्वीटी सिंह (किशनगंज)
- निशा सिंह (प्राणपुर)
- कविता देवी (कोढ़ा)
- रमा निषाद (औराई)
- अरुणा देवी (वारिसलीगंज)
- श्रेयसी सिंह (जमुई)
भाजपा ने स्पष्ट किया है कि वह समाज के हर वर्ग और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन कर रही है।
वरिष्ठ नेताओं के टिकट कटने से मचा हलचल
भाजपा की पहली लिस्ट में कुछ वरिष्ठ नेताओं के टिकट काटे जाने से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
- नंदकिशोर यादव, जो पांच बार से पटना सिटी से विधायक रहे हैं, इस बार टिकट से वंचित रहे।
- अरुण कुमार सिन्हा, जो कुम्हरार से लगातार पांच बार विधायक रहे, उनका भी नाम सूची में नहीं है।
इन निर्णयों को पार्टी के अंदर युवा और नए चेहरों को मौका देने की नीति से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, इन दिग्गजों के टिकट कटने से स्थानीय स्तर पर असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
एनडीए में सीट बंटवारे पर नाराज़गी
भाजपा की सूची जारी होने के बाद एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के अंदर सीट शेयरिंग को लेकर कुछ नाराज़गी भी सामने आई है।
हम (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) के अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी नाराज़गी व्यक्त करते हुए लिखा —
“माना कि हमें कम सीटें मिली हैं। हमारे कार्यकर्ताओं का मनोबल कमजोर हुआ है। कार्यकर्ताओं में घोर असंतोष व्याप्त है जिसकी क्षतिपूर्ति भविष्य में होगी।”
मांझी ने आगे कहा कि यह असंतोष पार्टी के अंदर है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि बिहार को “जंगलराज” की ओर धकेल दिया जाए।
गिरिराज सिंह ने जताई नाराज़गी
एनडीए के सीट बंटवारे को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी अप्रत्यक्ष रूप से नाराज़गी जताई है। उन्होंने कहा कि कई कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जा रही है और टिकट वितरण में कुछ असंतुलन नजर आ रहा है।
हालांकि, पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व ने सभी मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने का आश्वासन दिया है।
सम्राट चौधरी का बयान – “एनडीए पूरी तरह एकजुट है”
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नाराज़गी के स्वर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
“एनडीए दलों में सीट संख्या का विषय सौहार्दपूर्ण बातचीत में पूरा हो चुका है। कौन दल किस सीट पर लड़ेगा, यह चर्चा सकारात्मक माहौल में पूरी हुई है। मोदी जी और नीतीश जी के नेतृत्व में एनडीए पूरी तरह से एकजुट है और चुनाव के लिए तैयार है।”
यह बयान एनडीए के अंदर एकजुटता का संदेश देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर तब जब विपक्ष महागठबंधन अपने अभियान को तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है।
बिहार में कब होंगे चुनाव?
चुनाव आयोग के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे —
- पहला चरण: 9 नवंबर 2025
- दूसरा चरण: 11 नवंबर 2025
वोटों की गिनती 14 नवंबर 2025 को होगी।
राज्य में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं, जिन पर एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है।
बीजेपी की रणनीति – युवा और महिलाओं पर फोकस
इस बार भाजपा का फोकस दो प्रमुख वर्गों पर है — युवा मतदाता और महिलाएं।
- पार्टी ने नए चेहरों को टिकट देकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह युवाओं को नेतृत्व की मुख्यधारा में लाना चाहती है।
- महिला उम्मीदवारों को बड़ी संख्या में टिकट देकर भाजपा ने महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा की यह रणनीति 2025 के चुनाव में निर्णायक साबित हो सकती है, क्योंकि बिहार की महिला और युवा वोट बैंक दोनों ही बेहद प्रभावशाली हैं।
निष्कर्ष – सियासत गरमाई, मुकाबला दिलचस्प
भाजपा की पहली लिस्ट जारी होते ही बिहार की सियासत गर्म हो गई है।
जहां एक ओर नए चेहरों को मौका मिलने से ताजगी का माहौल है, वहीं दिग्गज नेताओं के टिकट कटने से अंदरूनी असंतोष भी देखा जा रहा है।
अब देखना होगा कि भाजपा की यह रणनीति “युवा भारत, नया बिहार” के नारे को कितना मजबूत बनाती है, और क्या पार्टी अपने सहयोगियों को संतुष्ट रखकर एकजुट मोर्चा बना पाती है या नहीं।
आने वाले दिनों में एनडीए और महागठबंधन दोनों के लिए बिहार का यह चुनाव निर्णायक साबित होगा।
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Author: AK
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