शनि, अप्रैल 4, 2026

Bharat Bandh Today: आज रहेगा भारत बंद, जानें किसने बुलाई हड़ताल, क्या हैं मांगें, कौन-कौन शामिल???

Bharat Bandh Today: Who Called the Strike and Why

आज भारत बंद के चलते बैंक, ट्रांसपोर्ट और सरकारी सेवाओं पर असर संभव। जानें किसने बुलाई हड़ताल, क्या हैं प्रमुख मांगें और क्या रहेगा खुला।

आज भारत बंद है।

ट्रेड यूनियनों और किसान यूनियनों ने आज यानी की 12 फरवरी को देशभर में हड़ताल बुलाई है। आज के इस भारत बंद से देशभर में सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। ट्रेड यूनियन, किसान संगठनों और कई सामाजिक संगठनों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ भारत बंद का आह्वान किया है।
यह हड़ताल लेबर सुधारों और दूसरी पॉलिसी के खिलाफ कि गई है। इनके बारे में यूनियनों का कहना है कि ये मज़दूरों के अधिकारों और सुरक्षा को कमज़ोर करती हैं। भारत बंद की वजह से बैंकिंग सेवाएं, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और सरकारी दफ्तरों का कामकाज प्रभावित हो सकता है। भारत बंद की वजह से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

कहां हो सकता हैं इसका असर

आज के भारत बंद से पब्लिक सेक्टर के बैंक, ट्रांसपोर्ट सर्विस, सरकारी ऑफिस और कुछ इंडस्ट्री में रुकावट आ सकती है, खासकर केरल और ओडिशा जैसे राज्यों में, जहां यूनियन की मज़बूत पकड़ है। यूनियनों का दावा है कि इस हड़ताल में देशभर से करीब 30 करोड़ मजदूर शामिल हो सकते हैं। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) की महासचिव अमरजीत कौर के मुताबिक, इस बार भागीदारी पिछले आंदोलनों से ज्यादा हो सकती है। उन्होंने बताया कि 9 जुलाई 2025 के प्रदर्शन में करीब 25 करोड़ लोग शामिल हुए थे। यूनियनों के मुताबिक, 600 से ज्यादा जिलों में बंद का असर पड़ सकता है। पिछले साल यह असर लगभग 550 जिलों तक सीमित था।

किन लोगों ने बुलाई है यह भारत बंद?

यह हड़ताल दस सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के जॉइंट प्लेटफॉर्म ने बुलाई है, जिसमें AITUC, INTUC, CITU, HMS, TUCC, SEWA, AIUTUC, AICCTU, LPF, और UTUC शामिल हैं। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM), कृषि मजदूर संगठन, छात्र और युवा संगठन भी इस बंद का समर्थन कर रहे हैं।

भारत बंद का क्या है मकसद, यूनियन का क्या कहना है?

यूनियन नेताओं का कहना है कि भारत बंद का मकसद मज़बूत सोशल सिक्योरिटी उपायों और मज़दूरों के अधिकारों की सुरक्षा पर दबाव बनाना है। वे चार नए लेबर कोड का विरोध करते हैं, उनका तर्क है कि ये मज़दूरों के अधिकारों को कमज़ोर करते हैं, जॉब सिक्योरिटी को कम करते हैं, और मालिकों के लिए कर्मचारियों को काम पर रखना और निकालना आसान बनाते हैं।

क्या हैं मांगें

दूसरी मांगों में ड्राफ्ट सीड बिल, इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल, और शांति एक्ट को खत्म करना, MGNREGA को बहाल करना, और विकसित भारत – रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025 के लिए गारंटी वापस लेना शामिल है।

किसानों का सपोर्ट

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने भी भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर अपनी चिंताओं का हवाला देते हुए अपना सपोर्ट दिया है। ग्रुप के कन्वीनर हन्नान मोल्लाह ने कहा कि इस डील से भारतीय बाज़ार सस्ते US इंपोर्ट से भर जाएंगे, जिससे किसानों की रोजी-रोटी को नुकसान होगा।
भारत बंद का आज व्यापक असर दिख सकता है।

क्या खुला और क्या बंद रह सकता है?

इन पर असर पड़ सकता है: सरकारी बैंक और इंश्योरेंस ऑफिस, राज्य ट्रांसपोर्ट सर्विस, सरकारी ऑफिस, PSU, इंडस्ट्रियल यूनिट, कोयला और स्टील सेक्टर, और विरोध वाले इलाकों में MGNREGA का काम।

क्या रह सकता है बंद?

  1. सरकारी बैंक और बीमा कार्यालय
  2. सरकारी दफ्तर और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां
  3. कुछ राज्यों में राज्य परिवहन बस सेवाएं
  4. औद्योगिक इकाइयां और मैन्युफैक्चरिंग हब
  5. कोयला, स्टील और दूसरे प्रमुख सेक्टर (स्थानीय भागीदारी पर निर्भर)
  6. विरोध वाले इलाकों में MGNREGA के तहत ग्रामीण रोजगार कार्य
  7. भारत बंद का कहां नहीं होगा असर
  8. अस्पताल और इमरजेंसी सेवाएं
  9. एंबुलेंस और जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं
  10. मेट्रो सर्विस
  11. प्राइवेट ऑफिस और IT कंपनियां
  12. सरकारी स्कूल और कॉलेज
  13. ट्रेन

क्या है यूनियनों की प्रमुख मांगें

लेबर कोड की वापसी: मजदूर संगठनों का मानना है कि नए चार लेबर कोड मजदूरों के अधिकारों को कम करते हैं, इसलिए इन्हें तुरंत वापस लिया जाए।

मनरेगा (MGNREGS) में सुधार: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को फिर से मजबूत करने और इसमें बजट बढ़ाने की मांग


सिविल सर्विस नीतियों का विरोध: उन सरकारी नीतियों को वापस लेना, जिन्हें सिविल सेवाओं को कमजोर करने वाला माना जा रहा है।

पुरानी पेंशन योजना (OPS): नई पेंशन योजना की जगह पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) को फिर से लागू करने की मांग।

नई शिक्षा नीति (NEP 2020) का विरोध: शिक्षा नीति 2020 को वापस लेने की मांग।


सरकार की तरफ से क्या तैयारी

भारत बंद को लेकर सरकार ने भी अपने लेवल से तैयारी कर रखी है. भारत बंद से जरूरी सेवाओं को बंद से बाहर रखा जाएगा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें. आज यानी 12 फरवरी का भारत बंद आम लोगों के लिए कुछ असुविधाएं लेकर आ सकता है।

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Author: AK

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