
चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और अमरीका में कोविड के बढते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार हरकत में आ गई है। आने वाले दिनों में भारत में लोगों के सुरक्षा को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोविड-19 की स्थिति पर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और सभी राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिव शामिल हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अध्यक्षता में हुए इस बैठक के दौरान कोरोना के नए वैरिएंट के खिलाफ लड़ाई के एक्शन प्लान पर चर्चा हुई। जहाँ पीएम मोदी ने कोविड-19 पर एक उच्च-स्तरीय बैठक में भीड़ भरे सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने, टेस्टिंग बढ़ाने और जीनोमिक सीक्वेंसिंग का आग्रह किया। उन्होंने कमजोर और बुजुर्ग समूहों के लोगों के लिए ‘एहतियात खुराक’ को प्रोत्साहित करने पर भी ज़ोर दिया।
मिली जानकारी के मुताबिक, इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया कि सभी स्तरों पर संपूर्ण कोविड बुनियादी ढांचा, उपकरण, प्रक्रियाओं और मानव संसाधन के मामले में तैयारियों के उच्च स्तर बने रहे। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को बताया गया कि दवाओं, टीकों और अस्पताल के बेड के संबंध में पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और कीमतों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी है।
पीएमओ के मुताबिक, PM मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर चल रहे निगरानी उपायों को मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने राज्यों को ऑक्सीजन सिलेंडर, पीएसए संयंत्रों, वेंटिलेटर और मानव संसाधन सहित अस्पताल के बुनियादी ढांचे से संबंधित कोविड विशिष्ट सुविधाओं का लेखाजोखा करने की सलाह दी।
प्रधानमंत्री ने सभी से हर समय कोविड के उपयुक्त व्यवहार का पालन करने का आग्रह किया। विशेष रूप से आगामी त्योहारी मौसम को देखते हुए उन्होंने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इस बैठक में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से नागरिक विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण, गृह सचिव अजय कुमार भल्ला, नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी परमेश्वरन अय्यर सहित स्वास्थ्य व गृह मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बता दें कि कोरोना संक्रमण की एक और लहर को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी चिंता जताई है।
Author: AK
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