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विजय दिवस: 51 साल पहले भारत ने पाकिस्तान को युद्ध में हराकर बांग्लादेश का कराया था उदय

आज से 51 साल पहले भारत ने पाकिस्तान को युद्ध के मैदान में धूल चटाई थी। हर साल 16 दिसंबर भारत विजय दिवस के रूप में याद करता है। ‌16 दिसंबर 1971 की शाम करीब 5 बजे जनरल नियाजी ने 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों के साथ भारतीय सेना के सामने सरेंडर कर दिया। उन्होंने अपने … Read more

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Vijay Diwas 2022: Celebrating The Day India Liberated Bangladesh (PC: Indian Army)
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आज से 51 साल पहले भारत ने पाकिस्तान को युद्ध के मैदान में धूल चटाई थी। हर साल 16 दिसंबर भारत विजय दिवस के रूप में याद करता है। ‌16 दिसंबर 1971 की शाम करीब 5 बजे जनरल नियाजी ने 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों के साथ भारतीय सेना के सामने सरेंडर कर दिया। उन्होंने अपने बिल्ले उतार दिए और रिवॉल्वर भी रख दी। उसी समय जनरल सैम मानिक्शॉ ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को फोन कर बांग्लादेश पर जीत की खबर बताई। इसके बाद इंदिरा गांधी ने ऐलान किया- “ढाका अब एक आजाद देश की आजाद राजधानी है।’ सिर्फ 13 दिन में ही भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सेना को घुटनों पर ला दिया था। बांग्लादेश पर भारत की जीत के बाद ही 16 दिसंबर को हर साल विजय दिवस मनाया जाता है।1970 का साल खत्म हो रहा था। इस दौरान पाकिस्तान में आम चुनाव की शुरुआत हुई। इस चुनाव में पूर्वी पाकिस्तान आवामी लीग के नेता शेख मुजीबुर्रहमान ने अपनी लोकप्रियता साबित करते हुए जीत हासिल की और अपनी सरकार बनाने का दावा किया।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता जुल्फिकार अली भुट्टो इससे सहमत नहीं थे। पश्चिमी पाकिस्तान पर शासन कर रहे लोगों को पूर्वी पाकिस्तान की दखल मंजूर नहीं थी। इसके बाद पूर्वी और पश्चिमी पाकिस्तान के बीच तनाव शुरू हो गया था। पाकिस्तान आवामी लीग ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी का विरोध शुरू कर दिया था। पाकिस्तान आवामी लीग के नेता शेख मुजीबुर्रहमान को गिरफ्तार कर लिया गया। शेख की गिरफ्तारी से पू्र्वी पाकिस्तान के लोग भड़क उठे, उन्होंने पश्चिमी पाकिस्तान की सत्ता के खिलाफ आंदोलन करना शुरू कर दिया। आंदोलन की इस आग को रोकने के लिए पूर्वी पाकिस्तान में सेना भेज दी गई। सेना ने आम लोगों पर अत्याचार शुरू कर दिया। स्थिति लगातार बिगड़ रही थी, लोगों की हत्याएं भी की गईं। ऐसें में पूर्वी पाकिस्तान से आम लोगों ने पलायन शुरू कर दिया। पूर्वी पाकिस्तान से भागकर लोग भारत आने लगे। भारत में पूर्वी पाकिस्तान से भागकर आने वाले लोगों की संख्या लगाता बढ़ती जा रही थी। पूर्वी पाकिस्तान की सीमा से लगे भारतीय राज्यों में लोग बड़ी संख्या में आ रहे थे। एक अनुमान के मुताबिक, करीब 10 लाख लोगों ने उस वक्त भारत में शरण ली थी। ये वो दौर था जब भारत की इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं। इसी बीच पाकिस्तान की तरफ से भारत पर हमले को लेकर बयान भी दिए जाने लगे थे।युद्ध 3 दिसंबर 1971 को शुरू हुआ, जब पाकिस्‍तानी वायुसेना ने भारतीय वायुसेना के 11 स्‍टेशनों पर बमबारी की। ये इतिहास के सबसे कम दिनों तक चलने वाले युद्धों में से एक है। ये युद्ध केवल 13 दिन तक चला था और इन 13 दिनों में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को धूल चटा दी थी।
इस युद्ध में 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था। इस युद्ध के परिणाम से नए देश बांग्लादेश का उदय हुआ।

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Author: AK

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