गोविंदपुर में ओरियन एजुकेशनल सोसाइटी का दीक्षांत समारोह आयोजित, रोजगार और स्वरोजगार की दिशा में बढ़े कदम
जहानाबाद गोविंदपुर स्थित डॉ. महेंद्र प्रसाद सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शनिवार को ओरियन एजुकेशनल सोसाइटी (ओईएस) द्वारा संचालित कौशल विकास परियोजना के अंतर्गत भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में लगभग 50 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों के साथ उनके अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समारोह में एरिस्टो फार्मा के सीएसआर विभाग के प्रतिनिधियों के अलावा शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि कौशल आधारित शिक्षा आज के दौर में रोजगार और स्वरोजगार का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है।

अतिथियों ने कहा कि ग्रामीण युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह पहल सराहनीय है। उन्होंने बताया कि एरिस्टो फार्मा के सीएसआर सहयोग से संचालित इस परियोजना के तहत गोविंदपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में अब तक 400 युवाओं को विभिन्न कौशल क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर प्रमाणित किया जा चुका है। इनमें से बड़ी संख्या में युवा विभिन्न कंपनियों में रोजगार प्राप्त कर चुके हैं, जबकि कई स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आजीविका सुदृढ़ कर रहे हैं।कार्यक्रम में कई प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्रशिक्षण ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए हैं। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे उनके बच्चों के भविष्य को नई दिशा मिली है।समारोह के दौरान सभी सफल प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। आयोजकों ने बताया कि आने वाले समय में इस परियोजना का विस्तार अन्य गांवों और क्षेत्रों में भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को कौशल विकास का लाभ मिल सके। उल्लेखनीय है कि ओरियन एजुकेशनल सोसाइटी वर्ष 2007 से देश के विभिन्न हिस्सों में कौशल विकास एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रही है। संस्था का उद्देश्य युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।
Jehanabad News: A new flight towards self-reliance through skill development; 50 youths receive certificates.


















