जहानाबाद जिले के सालारपुर गांव के सम्मानित बुजुर्ग एवं सेवानिवृत्त राजस्व कर्मचारी कामता प्रसाद सिंह का 4 जून 2026 को 102 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने इसे गांव के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
कामता प्रसाद सिंह लंबे समय तक राजस्व विभाग में अपनी सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के पश्चात उन्होंने अपना जीवन गांव और समाज के लोगों के मार्गदर्शन में समर्पित कर दिया। गांव के बुजुर्गों में उनकी विशेष पहचान थी और युवा वर्ग उन्हें सम्मानपूर्वक अपना अभिभावक मानता था। ग्रामीणों के अनुसार वे गांव के हर सुख-दुख में बढ़-चढ़कर भाग लेते थे। किसी भी सामाजिक, पारिवारिक या सामुदायिक विषय पर लोग उनसे सलाह लेते थे। वे अपने जीवन के अनुभवों को साझा कर युवाओं को शिक्षा, रोजगार और अच्छे संस्कारों के लिए प्रेरित करते थे।

उनकी बातें और मार्गदर्शन गांव के लोगों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहे। कामता प्रसाद सिंह का जीवन सादगी, ईमानदारी और सेवा भावना का प्रतीक था। वे हमेशा बच्चों और युवाओं को शिक्षा से जुड़ने तथा जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते थे। उनका मानना था कि शिक्षा ही समाज और परिवार के विकास का सबसे मजबूत आधार है। उनके पुत्र कौशलेंद्र शर्मा ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद उनके पिता गांव में ही रहकर परिवार और समाज के लोगों को मार्गदर्शन देते थे। उनका व्यवहार अत्यंत सरल, विनम्र और मिलनसार था। वे सभी लोगों से आत्मीयता के साथ मिलते थे और हमेशा समाज के हित की बातें किया करते थे। ग्रामीणों ने कहा कि कामता प्रसाद सिंह गांव की एक ऐसी शख्सियत थे, जिनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी। उनका निधन केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव की क्षति है। उनके जाने से सालारपुर गांव ने अपना एक अनुभवी, सम्मानित और प्रेरणादायी अभिभावक खो दिया है।
Jehanabad News: Kamta Prasad Singh passes away at the age of 102, Salarpur village loses its leader


















