जहानाबाद। बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के ज्वाइंट सेक्रेटरी अविनाश कुमार ने अपने तीन दिवसीय जहानाबाद भ्रमण कार्यक्रम के तहत मंगलवार को मंडल कारा, जहानाबाद का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जहानाबाद के सचिव बृजेश कुमार भी मौजूद रहे। मंडल कारा पहुंचने पर जेल प्रशासन ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया तथा गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया। निरीक्षण के दौरान अविनाश कुमार ने कारा परिसर में संचालित निःशुल्क विधिक सहायता क्लीनिक का अवलोकन किया और बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही कानूनी सहायता सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के अंतर्गत अधिवक्ताओं द्वारा किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण करते हुए लंबित मामलों तथा बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता की जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने कई बंदियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी समस्याओं, शिकायतों और कानूनी आवश्यकताओं को सुना। बंदियों द्वारा उठाए गए विभिन्न मामलों पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य अधिवक्ता बैद्यनाथ शरण एवं राजीव कुमार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र बंदी को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा मामलों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। ज्वाइंट सेक्रेटरी ने कारा अस्पताल का निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की। साथ ही महिला बंदी वार्ड का भ्रमण कर महिला बंदियों से संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने महिला बंदियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

निरीक्षण के क्रम में कारा के रसोईघर का भी अवलोकन किया गया, जहां बंदियों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं पोषण संबंधी मानकों की जांच की गई। उन्होंने विभिन्न वार्डों, विशेष प्रकोष्ठ तथा अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों का निरीक्षण करते हुए जेल प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए और कारा प्रशासन द्वारा किए जा रहे सुधारात्मक कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर अविनाश कुमार ने 50 बंदियों के लिए डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (डीसीए) प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा बंदियों के पुनर्वास का महत्वपूर्ण माध्यम है। कंप्यूटर शिक्षा से बंदियों की प्रतिभा एवं कौशल का विकास होगा तथा रिहाई के बाद उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा संस्थाओं का उद्देश्य केवल कानूनी सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने बंदियों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। अविनाश कुमार ने कहा कि कारागारों को सुधार एवं पुनर्वास केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं जेल प्रशासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी और सुधारात्मक कार्यक्रमों की सराहना की। उल्लेखनीय है कि उनका जहानाबाद में तीन दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम निर्धारित है। इस दौरान वे जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं संस्थानों का निरीक्षण करेंगे। कार्यक्रम के अंतर्गत जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड, ऑब्जर्वेशन होम, बाल संरक्षण संस्थानों तथा अन्य न्यायिक एवं विधिक सेवा इकाइयों का भी निरीक्षण किया जाएगा। इस अवसर पर जेल अधीक्षक अजीत कुमार, उपाधीक्षक सुधीर सिंह, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य अधिवक्ता बैद्यनाथ शरण एवं राजीव कुमार सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकार और जेल प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
Jehanabad News: Joint Secretary Avinash Kumar reached the divisional jail, directly interacted with the prisoners and learned about their problems.



















