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LPG Cylinder Price Hike: LPG सिलेंडर फिर महंगा, जानिए 1 जून से नए रेट

1 जून से एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम फिर बढ़ गए हैं। दिल्ली समेत कई शहरों में कमर्शियल LPG महंगा हुआ है। जानिए नए रेट और इसका असर। LPG Cylinder Price Hike from 1 June जून की शुरुआत में महंगाई का झटका, एलपीजी सिलेंडर के दाम फिर बढ़े जून की शुरुआत के साथ ही आम … Read more

LPG Cylinder Price Hike from 1 June

1 जून से एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम फिर बढ़ गए हैं। दिल्ली समेत कई शहरों में कमर्शियल LPG महंगा हुआ है। जानिए नए रेट और इसका असर।

LPG Cylinder Price Hike from 1 June

जून की शुरुआत में महंगाई का झटका, एलपीजी सिलेंडर के दाम फिर बढ़े

जून की शुरुआत के साथ ही आम लोगों और कारोबारियों को महंगाई का एक और झटका लगा है। एक जून से देश के कई बड़े शहरों में एलपीजी गैस सिलेंडर के नए रेट लागू हो गए हैं। गैस कंपनियों ने इस बार कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की है। दिल्ली, कोलकाता और दूसरे बड़े शहरों में नई कीमतें लागू होने के बाद होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ने वाली है।

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हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल थोड़ी राहत की खबर है, क्योंकि 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने का असर बाजार पर दिखना तय माना जा रहा है।

एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार हो रहे बदलाव के बीच लोग यह जानना चाह रहे हैं कि आखिर इस बार कितना इजाफा हुआ है और आने वाले दिनों में इसका असर कितना बढ़ सकता है।

दिल्ली में कितना महंगा हुआ एलपीजी सिलेंडर?

दिल्ली-एनसीआर में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में इस बार 42 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

नई कीमत के बाद अब दिल्ली में 19 किलो का कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 3113.50 रुपये में मिलेगा।

यानी जिन कारोबारों में रोजाना गैस का इस्तेमाल ज्यादा होता है, उनके खर्च में सीधा असर देखने को मिलेगा।

खासकर—

  • होटल
  • ढाबे
  • रेस्टोरेंट
  • मिठाई की दुकानें
  • छोटे फूड बिजनेस
  • केटरिंग सर्विस

इन सभी जगहों पर गैस की खपत ज्यादा रहती है। ऐसे में कीमत बढ़ने का असर सीधे कारोबार की लागत पर पड़ सकता है।

कोलकाता में और ज्यादा बढ़ोतरी

कोलकाता में इस बार एलपीजी कीमतों में दिल्ली से ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है।

यहां कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 53.50 रुपये का इजाफा हुआ है।

अब वहां 19 किलो का सिलेंडर 3255.50 रुपये में मिलेगा।

शहरों के हिसाब से अलग-अलग रेट तय होते हैं क्योंकि परिवहन, टैक्स और स्थानीय खर्च इसमें शामिल होते हैं।

इसी वजह से कई बार दिल्ली और दूसरे शहरों में कीमतों में फर्क देखने को मिलता है।

5 किलो वाले सिलेंडर भी महंगे

इस बार सिर्फ बड़े सिलेंडर ही नहीं, बल्कि छोटे फ्री ट्रेड LPG सिलेंडर की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है।

5 किलो वाले FTL सिलेंडर की कीमत में 11 रुपये बढ़ाए गए हैं।

दिल्ली में इसकी नई कीमत 821.50 रुपये हो गई है।

यह सिलेंडर कई छोटे व्यवसायों और कुछ खास जरूरतों में इस्तेमाल किया जाता है।

इसलिए इस बढ़ोतरी का असर छोटे स्तर पर भी महसूस हो सकता है।

घरेलू गैस सिलेंडर में राहत

बढ़ती महंगाई के बीच राहत की बात यह रही कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम फिलहाल स्थिर रखे गए हैं।

दिल्ली में 14.2 किलो वाला घरेलू गैस सिलेंडर अभी भी 913 रुपये पर बना हुआ है।

इसका फायदा उन परिवारों को मिलेगा जो पहले से महंगाई का दबाव झेल रहे हैं।

घर के बजट में गैस एक जरूरी खर्च है।

ऐसे में घरेलू कीमत स्थिर रहने से लाखों परिवारों को फिलहाल राहत मिली है।

हालांकि लोग आगे भी कीमतों पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां समीक्षा करती हैं।

लगातार दूसरे महीने बढ़े दाम

दिलचस्प बात यह है कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में यह बढ़ोतरी लगातार दूसरे महीने हुई है।

इससे पहले मई में भी गैस कंपनियों ने कीमतें बढ़ाई थीं।

उस समय भी कमर्शियल सिलेंडर को लेकर बड़ा बदलाव किया गया था।

यानी दो महीने के भीतर लगातार कीमत बढ़ने से बाजार में चिंता बढ़ गई है।

कारोबारियों का कहना है कि अगर यही स्थिति जारी रही तो लागत बढ़ने की वजह से ग्राहकों पर बोझ बढ़ सकता है।

होटल और रेस्टोरेंट पर क्या असर?

कमर्शियल एलपीजी की सबसे ज्यादा खपत होटल और फूड इंडस्ट्री में होती है।

ऐसे में कीमत बढ़ने का असर सबसे पहले इन्हीं सेक्टर में दिखाई देता है।

उदाहरण के तौर पर—

एक मध्यम आकार का रेस्टोरेंट महीने में कई सिलेंडर इस्तेमाल करता है।

अगर हर सिलेंडर पर कीमत बढ़ती है तो कुल मासिक खर्च काफी बढ़ जाता है।

इसके बाद कारोबारी अक्सर—

  • खाने की कीमत बढ़ाते हैं
  • डिलीवरी चार्ज बढ़ाते हैं
  • लागत कम करने की कोशिश करते हैं

यानी बाजार में बाहर खाना थोड़ा महंगा महसूस हो सकता है।

छोटे कारोबारियों पर इसका असर और ज्यादा पड़ सकता है।

वैश्विक ऊर्जा संकट का असर

एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी सिर्फ घरेलू फैसलों से तय नहीं होती।

इसमें अंतरराष्ट्रीय बाजार की भूमिका भी बड़ी होती है।

फिलहाल वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।

इसके पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं—

पश्चिम एशिया में तनाव

ऊर्जा सप्लाई से जुड़े इलाकों में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर असर पड़ता है।

कच्चे तेल की कीमत

क्रूड ऑयल महंगा होने पर एलपीजी भी प्रभावित होती है।

आयात लागत

भारत बड़ी मात्रा में ऊर्जा आयात करता है।

परिवहन खर्च

शिपिंग और सप्लाई की लागत भी जुड़ती है।

इन्हीं कारणों की वजह से गैस कंपनियों पर दबाव बढ़ता है।

आम आदमी पर क्या असर?

कई लोग सोचते हैं कि कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से सीधे आम आदमी पर क्या फर्क पड़ेगा।

असल में इसका असर बाजार के जरिए पहुंचता है।

जैसे—

  • बाहर खाना महंगा हो सकता है
  • होटल खर्च बढ़ सकता है
  • फूड डिलीवरी की कीमत बढ़ सकती है
  • छोटे दुकानदार अपने रेट बदल सकते हैं

यानी घरेलू सिलेंडर भले स्थिर रहे, लेकिन बाजार की कीमतों पर असर संभव है।

क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम?

एलपीजी कीमत हर महीने समीक्षा के आधार पर तय होती है।

अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमत बढ़ती रही तो आने वाले समय में बदलाव संभव है।

लेकिन यह पूरी तरह कई बातों पर निर्भर करता है—

  • वैश्विक बाजार
  • डॉलर की स्थिति
  • आयात लागत
  • सरकार की ऊर्जा नीति
  • अंतरराष्ट्रीय सप्लाई

इसलिए अगले महीने भी लोगों की नजर पहली तारीख पर बनी रहेगी।

घरेलू बजट कैसे संभालें?

महंगाई के दौर में छोटे कदम मदद कर सकते हैं।

कुछ आसान तरीके—

गैस की बचत

रसोई में जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल।

बजट प्लानिंग

महीने का खर्च पहले तय करें।

बाहर खाने की योजना

अनावश्यक खर्च कम करें।

बाजार रेट पर नजर

जरूरी चीजों की कीमतें समय-समय पर देखें।

छोटी तैयारी से खर्च को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है।

निष्कर्ष

एक जून से एलपीजी गैस सिलेंडर के नए रेट लागू होने के साथ कारोबारियों को फिर महंगाई का झटका लगा है। दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 42 रुपये बढ़ गई है, जबकि कोलकाता में इससे भी ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है।

घरेलू सिलेंडर फिलहाल पुराने रेट पर बने रहने से परिवारों को राहत जरूर मिली है, लेकिन कमर्शियल गैस महंगी होने का असर बाजार में धीरे-धीरे दिख सकता है।

होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों के लिए आने वाले दिन लागत के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि अगले महीने गैस कंपनियां क्या फैसला लेती हैं और वैश्विक ऊर्जा बाजार किस दिशा में जाता है।

AK
Author: AK

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