एयर इंडिया ने जून से अगस्त 2026 के बीच कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती की है। सफर से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर जांच लें।
Air India Flight Cut: Check Route List Before Travel
एयर इंडिया से सफर करने वाले ध्यान दें, जून-अगस्त में कई उड़ानें कम; यात्रा से पहले जरूर जांच लें अपडेट

गर्मी की छुट्टियों और यात्रा के पीक सीजन के बीच एयर इंडिया ने यात्रियों को बड़ा अपडेट दिया है। देश की प्रमुख एयरलाइन ने जून से अगस्त 2026 के बीच कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ानों की संख्या कम करने का फैसला किया है। एयर इंडिया ने साफ किया है कि यह बदलाव स्थायी नहीं है, लेकिन अगले कुछ महीनों तक यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय अतिरिक्त सावधानी रखनी होगी। खासकर उन लोगों के लिए यह खबर अहम है जिनकी बुकिंग पहले से हो चुकी है या जो आने वाले दिनों में टिकट कराने की तैयारी कर रहे हैं।
एयरलाइन की तरफ से कहा गया है कि ऑपरेशन पर बढ़ते खर्च, अंतरराष्ट्रीय हालात और एयरस्पेस की चुनौतियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इसका असर दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और गोवा जैसे बड़े शहरों के साथ कई अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर भी दिखेगा। ऐसे में सवाल यही है कि किन रूट्स पर असर पड़ा है, वजह क्या है और यात्रियों के पास क्या विकल्प हैं।
घरेलू उड़ानों में सबसे ज्यादा असर किन रूट्स पर?
एयर इंडिया की नई सूची के मुताबिक कई व्यस्त घरेलू रूट्स पर उड़ानों की संख्या घटाई गई है। रोजाना हजारों यात्रियों वाले कुछ रूट्स पर बदलाव सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है।
दिल्ली-मुंबई रूट पर भी कटौती
देश का सबसे व्यस्त एयर रूट माने जाने वाला दिल्ली-मुंबई सेक्टर भी इससे अछूता नहीं रहा। यहां साप्ताहिक उड़ानों की संख्या 176 से घटाकर 165 कर दी गई है। यह संख्या अभी भी बड़ी है, लेकिन पीक टाइम में टिकट महंगी होने की संभावना बढ़ सकती है।
दिल्ली-गोवा और दिल्ली-कोलकाता पर असर
गोवा जाने वालों को भी इस बार पहले से योजना बनानी पड़ सकती है। दिल्ली से डाबोलिम और मोपा एयरपोर्ट की उड़ानों में कमी की गई है। इसी तरह दिल्ली-कोलकाता रूट पर भी उड़ानें 70 से घटाकर 63 कर दी गई हैं।
बेंगलुरु, हैदराबाद और इंदौर वाले यात्रियों को भी असर
दिल्ली-बेंगलुरु रूट पर मामूली कटौती की गई है। मुंबई-बेंगलुरु और मुंबई-हैदराबाद सेक्टर में भी उड़ानों की संख्या कम हुई है। वहीं दिल्ली-इंदौर और बेंगलुरु-चंडीगढ़ जैसे रूट्स पर यात्रियों को ज्यादा फर्क महसूस हो सकता है क्योंकि वहां उड़ानों की संख्या काफी कम कर दी गई है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भी बड़ा बदलाव
घरेलू उड़ानों में कटौती से पहले एयर इंडिया अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में भी बड़ा बदलाव कर चुकी है। यूरोप, अमेरिका और एशिया के कई महत्वपूर्ण रूट प्रभावित हुए हैं।
दिल्ली-सिंगापुर और मुंबई-सिंगापुर में कमी
सिंगापुर जाने वाले यात्रियों के लिए भी बदलाव किया गया है। दिल्ली-सिंगापुर रूट पर उड़ानों की संख्या 24 से घटकर 14 कर दी गई है। मुंबई-सिंगापुर भी आधी के करीब रह गई है।
दिल्ली-शंघाई और दिल्ली-शिकागो पर बड़ा असर
दिल्ली से शंघाई की उड़ान फिलहाल पूरी तरह बंद कर दी गई है। दिल्ली-शिकागो सेवा पर भी रोक लगा दी गई है। इसके अलावा दिल्ली-पेरिस की रोजाना दो उड़ानों को घटाकर एक किया गया है।
काठमांडू रूट पर लगातार कटौती
दिल्ली-काठमांडू रूट पर जून में 42 साप्ताहिक उड़ानों को घटाकर 28 किया जाएगा। इसके बाद जुलाई और अगस्त में यह संख्या 21 तक पहुंच सकती है। नेपाल जाने वाले यात्रियों के लिए यह बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
आखिर एयर इंडिया ने क्यों लिया यह फैसला?
एयर इंडिया ने अपने बयान में ईंधन की कीमतों को प्रमुख वजह बताया है। पिछले कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा हुआ है। विमानन क्षेत्र में ईंधन सबसे बड़ा खर्च होता है। ऐसे में जब लागत तेजी से बढ़ती है तो एयरलाइंस को अपने नेटवर्क में बदलाव करना पड़ता है।
लेकिन कहानी सिर्फ ईंधन तक सीमित नहीं है।
एयरस्पेस की चुनौती भी बड़ी वजह
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव की वजह से कई एयरलाइंस को ईरान, इराक और इजराइल के ऊपर से गुजरने वाले रास्तों से बचना पड़ रहा है। इससे फ्लाइट रूट लंबे हो जाते हैं। लंबा रास्ता मतलब ज्यादा ईंधन और ज्यादा ऑपरेशन लागत।
इसके अलावा पाकिस्तान का एयरस्पेस भी भारतीय एयरलाइंस के लिए आसान विकल्प नहीं बना हुआ है। यूरोप और अमेरिका जाने वाली उड़ानों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। कुछ उड़ानों में समय बढ़ रहा है तो कुछ में लागत इतनी बढ़ रही है कि एयरलाइन को संख्या कम करनी पड़ रही है।
टिकट की कीमतों पर क्या असर पड़ सकता है?
जब किसी रूट पर उड़ानों की संख्या कम होती है तो सीटों की उपलब्धता भी कम हो जाती है। इसका सीधा असर किराए पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि छुट्टियों और त्योहारों के दौरान किराए बढ़ सकते हैं। खासकर दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-गोवा, दिल्ली-बेंगलुरु और विदेश जाने वाले रूट्स पर टिकट जल्दी बुक करना बेहतर रहेगा।
अचानक यात्रा करने वाले यात्रियों को ज्यादा किराया देना पड़ सकता है। वहीं पहले से टिकट कराने वाले लोगों के पास विकल्प ज्यादा रहेंगे।
जिन यात्रियों की बुकिंग पहले से है, वे क्या करें?
यह सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है। अगर आपकी टिकट पहले से बुक है तो घबराने की जरूरत नहीं है।
एयर इंडिया ने कहा है कि प्रभावित यात्रियों को तीन विकल्प दिए जाएंगे—
1. वैकल्पिक उड़ान
यदि आपकी उड़ान कम की गई है तो एयरलाइन दूसरी फ्लाइट में सीट दे सकती है।
2. मुफ्त तारीख बदलने की सुविधा
यात्री बिना अतिरिक्त शुल्क तारीख बदल सकते हैं।
3. पूरा रिफंड
अगर कोई वैकल्पिक व्यवस्था ठीक नहीं लगती तो पूरा रिफंड भी लिया जा सकता है।
एयरलाइन ने यह भी कहा है कि यात्री अपनी बुकिंग का स्टेटस ऐप और वेबसाइट पर नियमित रूप से जांचते रहें क्योंकि अगले कुछ हफ्तों में जरूरत के मुताबिक और बदलाव हो सकते हैं।
सोशल मीडिया पर उड़ानों को लेकर अफवाहें भी तेज
उड़ानों में कटौती की खबर के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें सामने आने लगीं। कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि एयर इंडिया ने बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द कर दी हैं।
लेकिन एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि सभी उड़ानें बंद नहीं की गई हैं। केवल कुछ चुनिंदा रूट्स पर अस्थायी कटौती हुई है। एयर इंडिया का कहना है कि हर महीने 1,200 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पहले की तरह जारी रहेंगी और कंपनी पांच महाद्वीपों से अपना नेटवर्क बनाए रखेगी।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
अगर आने वाले दिनों में एयर इंडिया से यात्रा है तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
यात्रा से पहले यह जरूर करें
- टिकट बुकिंग की स्थिति वेबसाइट या ऐप पर जांच लें
- एयरपोर्ट जाने से पहले फ्लाइट टाइम दोबारा देखें
- इंटरनेशनल फ्लाइट हो तो समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचें
- टिकट में मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट रखें
- अगर जरूरी यात्रा है तो बैकअप प्लान भी तैयार रखें
आने वाले महीनों में क्या सामान्य होगी स्थिति?
एयर इंडिया का कहना है कि यह व्यवस्था अस्थायी है। जैसे ही ईंधन की कीमतों में राहत मिलेगी और एयरस्पेस की स्थिति बेहतर होगी, सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य की जाएंगी।
हालांकि एविएशन सेक्टर से जुड़े जानकार मानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय हालात और तेल बाजार आने वाले कुछ महीनों तक अस्थिर रह सकते हैं। ऐसे में एयरलाइंस को समय-समय पर रणनीति बदलनी पड़ सकती है।
फिलहाल यात्रियों के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि यात्रा से पहले फ्लाइट की स्थिति जरूर चेक करें। थोड़ी सी सावधानी सफर को आसान बना सकती है। एयर इंडिया की यह अस्थायी कटौती निश्चित रूप से कई यात्रियों की योजना प्रभावित करेगी, लेकिन सही जानकारी और समय पर अपडेट से परेशानी काफी हद तक कम की जा सकती है।
Author: AK
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