बिहार में मौसम ने करवट ली है। 6 जिलों में भारी बारिश और 32 जिलों में तेज हवा का अलर्ट जारी हुआ है। जानिए आपके जिले में कैसा रहेगा मौसम।
Bihar Rain Alert: Heavy Rain Warning in 6 Districts
बिहार में मौसम ने बदला मिजाज, 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

बिहार में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पिछले कुछ दिनों से जहां तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा रखी थी, वहीं अब बारिश और तेज हवा ने राहत की उम्मीद जगा दी है। राज्य के कई हिस्सों में बुधवार और गुरुवार के बीच मौसम पूरी तरह बदल गया। कई जिलों में तेज आंधी के साथ जोरदार बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ इलाकों में वज्रपात और पेड़ गिरने जैसी घटनाएं भी सामने आईं।
मौसम विभाग ने बिहार के छह जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही 32 जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों के दौरान तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हो सकती है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
कई जिलों में बारिश और आंधी, पांच लोगों की मौत
बिहार के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का असर सिर्फ राहत तक सीमित नहीं रहा। तेज आंधी, बारिश और पेड़ गिरने की घटनाओं ने कई परिवारों को मुश्किल में डाल दिया। पिछले 24 घंटे में अलग-अलग जिलों से पांच लोगों की मौत की खबर सामने आई है।
जानकारी के अनुसार मुजफ्फरपुर में दो लोगों की मौत हुई। इसके अलावा पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और मुंगेर में एक-एक व्यक्ति की जान गई। कहीं दीवार गिरने से हादसा हुआ तो कहीं तेज हवा में पेड़ गिरने से लोग घायल हुए।
बदलते मौसम के बीच लोगों को राहत जरूर मिली है, लेकिन खतरा भी बना हुआ है। प्रशासन लगातार लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है।
मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता
मौसम से हुई इन घटनाओं के बाद राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए मदद की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
सरकार की ओर से मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का फैसला लिया गया है। साथ ही जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज किया जाए।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर निकलने से बचें और आपदा प्रबंधन विभाग की एडवाइजरी का पालन करें।
किन जिलों में भारी बारिश का खतरा ज्यादा?
मौसम विभाग ने उत्तर बिहार और पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। जिन इलाकों में ज्यादा असर देखा जा सकता है उनमें चंपारण, मिथिला और सीमांचल के जिले शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में तेज हवा के साथ अचानक बारिश होने की संभावना है। कई जगह बिजली चमकने और वज्रपात की चेतावनी भी दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून से पहले बनने वाली इस तरह की मौसमी गतिविधियां अचानक तेज हो जाती हैं। इसलिए खेतों, खुले मैदानों और सड़क पर चलते लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
32 जिलों में चलेगी तेज हवा
बिहार के अधिकांश हिस्सों में तेज हवा चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कहा है कि कई जिलों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
तेज हवा का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों और खुले क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। पुराने पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर दीवारों को लेकर प्रशासन सतर्क है।
पटना, गया, नालंदा, भागलपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सीवान, समस्तीपुर, बेगूसराय, बक्सर और आसपास के जिलों में भी हवा का असर महसूस किया जा सकता है।
तापमान में चार डिग्री तक गिरावट
बारिश और बादलों की वजह से तापमान में कमी आने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान दो से चार डिग्री तक नीचे जा सकता है।
इस बदलाव का असर सीधे लोगों की दिनचर्या पर दिखेगा। पिछले कई दिनों से बिहार के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के आसपास बना हुआ था। ऐसे में मौसम का यह बदलाव बड़ी राहत लेकर आया है।
दिन की गर्मी में कमी आने से बाजारों और सड़कों पर भी लोगों को राहत महसूस होगी।
पिछले 24 घंटे में कहां कितना तापमान रहा?
बिहार के अलग-अलग जिलों में तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिला।
कैमूर में सबसे ज्यादा 42.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। औरंगाबाद में 40.4 डिग्री रहा। बक्सर में 39 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। गया में 38.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
राजधानी पटना में अधिकतम तापमान 35 डिग्री रहा, जो पिछले दिनों के मुकाबले कम है।
भागलपुर में 31.7 डिग्री, पूर्णिया में 32.6 डिग्री और सुपौल में 32.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
इन आंकड़ों से साफ है कि उत्तर और पूर्वी बिहार में मौसम का असर ज्यादा दिख रहा है।
किसानों के लिए राहत और चुनौती दोनों
बदलता मौसम किसानों के लिए राहत भी लेकर आया है और चिंता भी।
गर्मी से परेशान फसलों को बारिश से फायदा मिल सकता है। खेतों में नमी बढ़ने से कुछ इलाकों में खेती की तैयारी आसान होगी।
लेकिन तेज हवा और वज्रपात किसानों के लिए परेशानी भी बन सकते हैं। खासकर जिन इलाकों में सब्जियों या बागवानी की खेती है वहां नुकसान की आशंका रहती है।
कृषि विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि मौसम विभाग की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए खेतों में काम की योजना बनाएं।
लोगों के लिए क्या है जरूरी सलाह?
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को कई जरूरी सलाह दी हैं।
तेज हवा या बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों। बिजली चमकने के समय खुले मैदान या खेत में न रहें। बाइक चलाते समय सावधानी रखें। पुराने पेड़ों और कमजोर दीवारों से दूरी बनाए रखें।
अगर घर के बाहर जरूरी काम न हो तो मौसम साफ होने तक इंतजार करना बेहतर रहेगा।
बच्चों और बुजुर्गों को भी मौसम बदलने के दौरान खास ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
अगले दो दिन बिहार के लिए अहम
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 48 घंटे बिहार के लिए अहम रहेंगे। कई जिलों में मौसम तेजी से बदल सकता है। सुबह धूप और दोपहर बाद तेज बारिश जैसी स्थिति बन सकती है।
यानी लोगों को गर्मी और बारिश दोनों के लिए तैयार रहना होगा।
बिहार में इस समय मौसम पूरी तरह संक्रमण के दौर में है। एक तरफ गर्मी का असर अभी खत्म नहीं हुआ है, दूसरी तरफ बारिश और आंधी लगातार सक्रिय हैं।
ऐसे में मौसम विभाग की हर नई अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।
फिलहाल अच्छी बात यह है कि लोगों को तेज गर्मी से राहत मिल रही है। लेकिन खराब मौसम के दौरान सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। बिहार के लोगों के लिए आने वाले दो दिन राहत और सतर्कता—दोनों लेकर आने वाले हैं।
Author: AK
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