शनि, अप्रैल 11, 2026

Bihar Train Accident: बिहार में ट्रेन हादसा, शादी देखने जा रहे तीन लोगों की मौत

Bihar Train Accident: Three Killed While Going for Marriage Meeting

नालंदा जिले में विक्रमशिला एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत, शादी के लिए लड़की देखने जा रहे थे। गांव में मातम छाया।


Bihar Train Accident: Three Killed While Going for Marriage Meeting


परिचय: खुशियों की यात्रा बनी मातम में तब्दील

बिहार के नालंदा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शादी के लिए लड़की देखने जा रहे एक ही गांव के 27 लोग अचानक हुए ट्रेन हादसे का शिकार हो गए। इस भीषण दुर्घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूल्हे के पिता गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। यह हादसा उस वक्त हुआ जब सभी लोग विक्रमशिला एक्सप्रेस की चपेट में आ गए।


हादसा कैसे हुआ?

पानी से भरे अंडरपास ने बदली राह

नालंदा जिले के वेना थाना क्षेत्र के टांड़ापर गांव से 27 लोग शुक्रवार को एक शादी समारोह के सिलसिले में पंडारक प्रखंड के गोपकिता गांव जा रहे थे।

  • सभी लोग जीप से ममरखाबाद-मेकरा हाल्ट तक पहुंचे।
  • वहां मौजूद अंडरपास में बारिश का पानी भर जाने के कारण वाहन आगे नहीं जा सका।
  • दूरी कम करने के लिए यात्रियों ने ट्रैक किनारे पैदल जाने का फैसला किया।

अचानक मौत बनकर आई ट्रेन

करीब 3:13 बजे दोपहर को भागलपुर से आनंद विहार जा रही विक्रमशिला एक्सप्रेस धड़धड़ाते हुए वहां पहुंची।

  • तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
  • वर पक्ष के पिता गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तत्काल पीएमसीएच भेजा गया।
  • बाकी 23 लोग किसी तरह ट्रैक किनारे कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया हादसे का मंजर

हादसे के चश्मदीद विकास ने बताया कि गांव से सभी लोग शादी का निमंत्रण लेकर बेहद उत्साह के साथ निकले थे।

  • लेकिन जैसे ही ट्रेन नजदीक आई, अफरातफरी मच गई।
  • कुछ ही सेकंड में ट्रेन तीन लोगों को अपनी चपेट में ले चुकी थी।
  • हादसे के बाद पूरा माहौल मातम में बदल गया।

मृतकों की पहचान

इस हादसे में जान गंवाने वाले तीनों मृतक एक ही गांव के रहने वाले थे।

  1. जीतो मांझी (30 वर्ष) – स्व. रविंद्र मांझी के पुत्र
  2. रीतलाल मांझी (67 वर्ष) – स्व. सौदागर मांझी के पुत्र
  3. गोविंदा कुमार (21 वर्ष) – जवाहर मांझी के पुत्र

गंभीर रूप से घायल जगलाल मांझी, दूल्हे आनंदी उर्फ बृंद मांझी के पिता हैं।


शादी का घर बना शोक का घर

जिस घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां मातम का माहौल है।

  • बताया गया कि आनंदी उर्फ बृंद मांझी की शादी पंडारक प्रखंड के गोपकिता गांव में रंजीत मांझी की बेटी से तय हुई थी।
  • शादी की खुशियां मनाने के बजाय परिवार अब तीन लोगों की असामयिक मौत से टूट चुका है।
  • गांव के लोग गहरे शोक में हैं और लगातार पीड़ित परिवार को सांत्वना दे रहे हैं।

प्रशासन की कार्रवाई

हादसे की सूचना मिलते ही रेल डीएसपी पूर्वी मुकुल परिमल पांडेय, मोकामा आरपीएफ पोस्ट प्रभारी रविंद्र कुमार यादव और पंडारक थानाध्यक्ष नवनीत राय मौके पर पहुंचे।

  • पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
  • प्राथमिकी पंडारक थाना में दर्ज की गई है।
  • प्रशासन ने घायल को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।

क्यों हुई यह बड़ी लापरवाही?

रेलवे ट्रैक पर पैदल चलना हमेशा खतरनाक माना जाता है।

  • स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क मार्ग से गंतव्य की दूरी करीब ढाई किलोमीटर थी, जबकि ट्रैक किनारे से यह सिर्फ डेढ़ किलोमीटर पड़ता था।
  • समय और दूरी बचाने के चक्कर में ग्रामीणों ने ट्रैक किनारे चलने का निर्णय लिया।
  • लेकिन यह जल्दबाजी उनकी जिंदगी पर भारी पड़ गई।

हादसे से सबक: सावधानी ही सुरक्षा

यात्रियों के लिए चेतावनी

इस हादसे ने एक बार फिर साबित किया कि रेलवे ट्रैक पर चलना कितना खतरनाक है।

  • तेज रफ्तार ट्रेन अक्सर बिना चेतावनी के अचानक सामने आ जाती है।
  • थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

प्रशासन की जिम्मेदारी

  • रेलवे अंडरपास में पानी भरना आम समस्या है, जिसे समय पर ठीक किया जाना चाहिए।
  • अगर अंडरपास से आवागमन संभव होता, तो शायद लोग ट्रैक पर जाने को मजबूर नहीं होते।

बिहार में ट्रेन हादसों का सिलसिला

बिहार में हाल के वर्षों में कई बार ऐसे हादसे सामने आ चुके हैं।

  • ग्रामीण इलाकों में लोग अक्सर ट्रैक किनारे पैदल चलते हैं।
  • कई बार जल्दबाजी और दूरी कम करने की कोशिशें जानलेवा साबित होती हैं।
  • यह घटना भी उसी प्रवृत्ति का परिणाम है।

निष्कर्ष

नालंदा जिले का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक चेतावनी है।

  • तीन निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवा दी क्योंकि सुरक्षित रास्ता छोड़कर उन्होंने खतरनाक रास्ता चुन लिया।
  • अब सवाल यह है कि क्या रेलवे और प्रशासन मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएंगे?
  • फिलहाल टांड़ापर गांव में मातम पसरा है और शादी का घर शोक स्थल में बदल चुका है।

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Author: AK

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