अहमदाबाद विमान हादसे के बाद DGCA ने एअर इंडिया के तीन अधिकारियों को हटाया। उड़ान सुरक्षा में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई।
DGCA Action After Ahmedabad Crash: Three Air India Officials Removed
अहमदाबाद विमान हादसे के बाद DGCA की सख्ती
उड़ान सुरक्षा पर सवाल, DGCA का त्वरित फैसला
12 जून 2025 को हुए अहमदाबाद विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। लंदन जा रही फ्लाइट के क्रैश होने से 241 लोगों की मौत हो गई, जबकि एकमात्र यात्री जीवित बच पाया। विमान के मेडिकल कॉलेज से टकराने के कारण कई डॉक्टरों की भी जान चली गई। हादसे के बाद विमानन क्षेत्र में हड़कंप मच गया। अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने कड़ा एक्शन लिया है।

एअर इंडिया के तीन वरिष्ठ अधिकारी हटाए गए
DGCA ने जांच में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद एअर इंडिया के तीन अधिकारियों को क्रू शेड्यूलिंग और अन्य जिम्मेदारियों से हटाने का आदेश दिया है। आदेश के अनुसार, इन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनके कार्य से हटा दिया गया है।
हटाए गए अधिकारियों के नाम:
- चूरहा सिंह – डिविजनल वाइस प्रेसिडेंट
- पिंकी मित्तल – चीफ मैनेजर, DOPS, क्रू शेड्यूलिंग
- पायल अरोड़ा – प्लानिंग, क्रू शेड्यूलिंग
क्या थीं अनियमितताएं?
गंभीर उल्लंघन और सुरक्षा में लापरवाही
DGCA ने इन अधिकारियों पर निम्नलिखित आरोप लगाए हैं:
- अनधिकृत और गैर-अनुपालक क्रू पेयरिंग
- अनिवार्य लाइसेंसिंग नियमों का उल्लंघन
- शेड्यूलिंग प्रोटोकॉल और निगरानी में विफलता
इन अनियमितताओं के कारण न केवल क्रू थकावट का शिकार हुआ, बल्कि सुरक्षा पर भी सीधा प्रभाव पड़ा, जो अंततः इस दुखद हादसे की ओर ले गया।
DGCA के निर्देश और आगे की कार्रवाई
आंतरिक अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश
DGCA ने एअर इंडिया को निर्देश दिया है कि तीनों अधिकारियों के खिलाफ 10 दिन के भीतर आंतरिक अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जाए और रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
शेड्यूलिंग सुधारने के निर्देश
इसके अलावा, DGCA ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक शेड्यूलिंग प्रक्रिया में आवश्यक सुधार नहीं होते, तब तक इन अधिकारियों को किसी भी फ्लाइट ऑपरेशन या क्रू संबंधी भूमिका में न रखा जाए। उन्हें गैर-परिचालन भूमिकाओं में तैनात किया गया है।
हादसे के बाद बढ़ा सुरक्षा पर जोर
नियमों का सख्त अनुपालन जरूरी
DGCA की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि उड़ान सुरक्षा के मामलों में कोई ढील नहीं दी जाएगी। DGCA ने कहा कि सभी एयरलाइंस को शेड्यूलिंग, प्रशिक्षण, और नियमों के अनुपालन में पारदर्शिता और सख्ती बरतनी होगी।
यात्री सुरक्षा सर्वोपरि
यह कदम यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में एक बड़ा संकेत है। DGCA का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकना है।
हादसे का विवरण और प्रभाव
अहमदाबाद हादसे की भयावहता
12 जून को एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 ने अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही नियंत्रण खो दिया और मेडिकल कॉलेज की इमारत से टकरा गई। फ्लाइट में सवार 242 में से 241 लोग मारे गए। इमारत में मौजूद डॉक्टर्स और स्टाफ भी हादसे की चपेट में आ गए।
जांच में क्या निकला?
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, पायलट और क्रू की थकान, शेड्यूलिंग की विफलता और तकनीकी निगरानी में चूक की भूमिका पाई गई। इस आधार पर DGCA ने यह सख्त कदम उठाया।
एयर इंडिया की प्रतिक्रिया
कंपनी ने किया सहयोग का वादा
एअर इंडिया की ओर से एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा गया है कि DGCA के निर्देशों का पालन किया जाएगा और पूरी जांच में सहयोग दिया जाएगा। कंपनी ने हादसे पर गहरा दुख जताया और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देने की बात कही।
आगे की राह
नियमों का पालन ही भविष्य की सुरक्षा की गारंटी
यह हादसा एक चेतावनी है कि विमानन क्षेत्र में छोटी से छोटी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। DGCA की सख्त कार्रवाई से उम्मीद की जा सकती है कि क्रू शेड्यूलिंग और उड़ान सुरक्षा को लेकर अब अधिक गंभीरता बरती जाएगी।
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Author: AK
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