
जहानाबाद के दरधा यमुना संगम स्थित अति प्राचीन ठाकुरबारी में इस वर्ष होली का अद्भुत और भक्तिमय नज़ारा देखने को मिला। पहली बार, वृंदावन और मथुरा की तर्ज पर ठाकुर जी के साथ अबीर-गुलाल और फूलों की होली खेली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। लंबे समय से रखरखाव के अभाव में जर्जर हो चुके इस ऐतिहासिक ठाकुरबारी का भक्तों के सहयोग से जीर्णोद्धार किया गया। भव्य नवनिर्मित मंदिर में इस वर्ष की होली को विशेष रूप से आयोजन किया गया, जिससे भक्तों में नई ऊर्जा और श्रद्धा का संचार हुआ। होलिका उत्सव के दौरान भक्तों ने टोकरी भर-भरकर फूलों की वर्षा कर कान्हा जी को अर्पित किया। ठाकुर जी के साथ होली खेलने के बाद श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर प्रेम, भाईचारे और समृद्धि का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में मंगल आरती के साथ ठाकुर जी की महिमा का गुणगान किया गया और सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी का आशीर्वाद ग्रहण किया और आनंदपूर्वक होली महोत्सव का समापन किया। इस ऐतिहासिक आयोजन ने जहानाबाद में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सवों की एक नई परंपरा की शुरुआत की, जिसे भक्त लंबे समय तक याद रखेंगे।
Author: AK
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