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श्री रामायण मंदिर का अखण्ड अनुष्ठान बना राष्ट्रीय कीर्तिमान, दर्ज हुआ इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में

The unbroken ritual of Shri Ramayana temple became a national record, recorded in the India Book of Records.

जहानाबाद धार्मिक और आध्यात्मिक क्षेत्र में जहानाबाद को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। श्री रामायण मंदिर में अनवरत चल रहे अखण्ड अनुष्ठान को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में स्थान मिला है, जिससे समस्त जिलेवासियों में हर्ष और गौरव की भावना है।

तीन दिव्य अनुष्ठानों का संगम

जहानाबाद के गांधी मैदान के उत्तर में विशाल वटवृक्ष के नीचे स्थित श्री रामायण मंदिर देश का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहाँ एक ही स्थान पर, एक साथ तीन दुर्लभ अखण्ड अनुष्ठान अनवरत रूप से चल रहे हैं:

. अखण्ड ज्योति – 25 दिसंबर 2018 से प्रज्वलित
. अखण्ड श्रीरामचरितमानस पाठ एवं अखण्ड सीताराम नाम संकीर्तन
. प्रतिदिन हवन, सुंदरकांड, हनुमान चालीसा, श्री सूक्त एवं विष्णु सूक्त का पाठ

विश्व रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहा अनुष्ठान

श्री रामायण मंदिर के प्रमुख श्री राकेश जी ने इस उपलब्धि को जहानाबाद और बिहार के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि भक्तों की अपार श्रद्धा और सेवा भावना के कारण यह अखण्ड अनुष्ठान एक विश्व कीर्तिमान बनने की ओर अग्रसर है।

उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि जल्द ही यह गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज होगा। रामानुजम ट्रस्ट द्वारा संचालित यह अनुष्ठान सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार का प्रतीक बन रहा है।

कोरोना काल में भी नहीं टूटा सिलसिला

कोरोना महामारी के कठिन दौर में, जब पूरी दुनिया लॉकडाउन में थी, तब भी श्री रामायण मंदिर का अखण्ड अनुष्ठान निर्बाध रूप से चलता रहा। कोई भी परिस्थिति—गर्मी, सर्दी, त्योहार या अवकाश—इस अनुष्ठान को रोक नहीं पाई।

60 से अधिक भक्तों की अहर्निश सेवा

24 घंटे, सातों दिन, 60 से अधिक श्रद्धालु भक्त दो-दो घंटे की पाली में सेवा देते हैं। इनमें कई स्थानीय हैं तो कई दूर-दराज के गाँवों से आते हैं, लेकिन सभी अपने कर्तव्य के प्रति अडिग रहते हैं।

सनातन धर्म का शाश्वत दीपक

यह अनुष्ठान केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सनातन धर्म की अखण्ड ज्योति है, जिसे पीढ़ी-दर-पीढ़ी प्रज्वलित रखने का संकल्प लिया गया है। श्री राकेश जी ने सभी सहयोगियों, भक्तों और श्रद्धालुओं का हृदय से आभार प्रकट किया और इस अनुष्ठान को अनन्त काल तक जारी रखने का संकल्प दोहराया।

रामायण मंदिर का लक्ष्य – सदैव राममय भारत

रामानुजम ट्रस्ट का उद्देश्य है कि यह अनुष्ठान आने वाले सैकड़ों-हजारों वर्षों तक सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता रहे और संसार को श्रीराममय बनाने की प्रेरणा देता रहे।

श्रीरामायण मंदिर का यह गौरवशाली अनुष्ठान अब केवल जहानाबाद या बिहार तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश और विश्व के आध्यात्मिक मानचित्र पर अपनी पहचान बना रहा है।

AK
Author: AK

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