
जहानाबाद व्यवहार न्यायालय ! अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम अनिंदिता सिंह की अदालत ने सूचक के नाबालिग पुत्री की अपहरण कर हत्या करने के जुर्म में ग्राम वाजित पुर थाना घोसी निवासी उपेंद्र यादव, राजू कुमार उर्फ अरविंद यादव, जय मंगल यादव एवं उद्दित यादव को भाoदoवीo की धारा 302 में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं दस हजार रुपए का अर्थ दंड, 363 में पांच वर्ष सश्रम कारावास एवं दस हजार अर्थ दंड, 504 में दस हजार अर्थ दंड की सजा सुनाई। मामले में सरकार की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक राकेश कुमार ने बताया कि, इस केस के सूचक अजित प्रसाद ने अपने फर्द बयान में बताया कि 4 नंबर 2020 को सभी अभियुक्त मेरे घर में घुस गए और हथियार के बल पर लुट पाट किया एवं मेरी नाबालिग पुत्री को अपहरण कर अपने साथ लेकर चले गए। पांच दिन बाद बच्ची की लाश नदी किनारे बरामद हुई थी, सभी अभियुक्तों ने बच्ची की निर्मम तरीके से हत्या कर दी। उसकी आंख फोड़ दिया गया, हाथ कबाड़ दिया, एवं गर्दन मरोड़ कर हत्या कर दी गई। इस संबंध में घोसी थाना कांड संख्या 502/2020 दर्ज कराया गया। जिसमें बताया गया कि इसके पूर्व भी अभियुक्त उदित यादव द्वारा मेरी बच्ची का अपहरण किया गया था, उस केश में पास्को न्यायलय ने उसे दोषी पाकर बारह वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। अभियुक्तों द्वारा उस केश में समझौता करने का दबाव दिया जाता था ।विशेष लोक अभियोजक के द्वारा कुल सात गवाहों की गवाही न्यायलय में कराई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम के द्वारा अपहरण कर हत्याकांड मामले में सुनवाई करते हुए अभियोजन के केश को सही पाते हुए अभियुक्तों को भारतीय दंड विधि की धारा 302 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, एवं सभी को दस दस हजार रुपया अर्थ दंड लगाया, अर्थ दंड की रकम नहीं देने पर एक माह के अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
Author: AK
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