
जहानाबाद: जिले के गोक्षिणी स्थित मां मंडेश्वरी मंदिर में गुरुवार को एक अनोखी शादी ने सभी का ध्यान खींचा। बचपन के प्रेमी विजय कुमार साव और चंचला देवी ने समाज और परिवार के विरोध के बावजूद अपने प्यार को मंजूरी दी और शादी कर ली। यह विवाह सच्चे प्रेम और प्रतिबद्धता की एक मिसाल बन गई है।
बचपन से था प्रेम, परिवार ने किया था अलग
पटना जिले के सिंगौड़ी गांव के विजय कुमार साव और चंचला देवी बचपन से एक-दूसरे से प्यार करते थे। हालांकि, परिवार के दबाव में दोनों की शादी अलग-अलग लोगों से कर दी गई। विजय ने बताया कि तीन साल पहले चंचला के पति का सड़क दुर्घटना में निधन हो गया, जिसके बाद वह अपने ससुराल में दो बच्चों के साथ रह रही थी। वहीं, एक साल पहले विजय की पत्नी का भी निधन हो गया।
परिवार के विरोध के बावजूद लिया बड़ा फैसला
विजय ने बताया कि वह चंचला से शादी करने का दृढ़ निश्चय कर चुका था, भले ही दोनों परिवारों ने इस रिश्ते का विरोध किया। चंचला, जो जन्म से ही एक पैर से दिव्यांग है, के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। विजय ने कहा कि वह चंचला के साथ जीवन बिताने के लिए प्रतिबद्ध है।
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मंदिर में की शादी
गुरुवार की रात दोनों ने कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मां मंडेश्वरी मंदिर में शादी की। पुजारी ने विधिपूर्वक विवाह संपन्न कराया। इस दौरान आसपास की महिलाओं ने रस्मों को निभाया और वर-वधू को आशीर्वाद दिया।
सच्चे प्रेम की मिसाल
शादी के बाद विजय और चंचला ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब वे अपने जीवन की नई शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि भगवान ने उनके प्यार को मंजूरी दी है, और वे एक-दूसरे का साथ निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
यह शादी न केवल सच्चे प्रेम की जीत है, बल्कि समाज के बंधनों को तोड़ते हुए अपने फैसले पर अडिग रहने का प्रेरणादायक उदाहरण भी है।
जहानाबाद से बरुण कुमार
Author: AK
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