
जहानाबाद स्थित एसएस कॉलेज में छात्रों ने पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) सीटों की कमी को लेकर जमकर हंगामा किया। आक्रोशीत छात्र कॉलेज प्रबंधन से काफी नाराज दिख रहे थे और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी किया। छात्रों का कहना था कि आज एडमिशन की आखिरी तिथि है और सीट खाली रहते हुए भी हमलोग का एडमिशन नहीं किया जा रहा है। वहीं कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय के वी.सी पर सीट बेचने का भी आरोप लगा रहे थे। वहीं दूसरे छात्र ने इसमे सभी की मिलीभगत का आरोप लगाया।
छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सीटों की कमी के कारण उन्हें आगे की पढ़ाई में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और उनका समय भी बर्बाद हो सकता है।
छात्रों का कहना था कि वे लंबे समय से इस बात का इंतजार कर रहे थे कि कॉलेज में पीजी सीटों का आवंटन किया जाए, लेकिन सीटों की अपर्याप्तता के कारण उनकी पढ़ाई में रुकावट आ रही है। छात्रों ने यह भी कहा कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो उन्हें भविष्य में बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
वहीं, इस मुद्दे पर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रधानाचार्य ने स्पष्ट किया कि पीजी सीटों का आवंटन विश्वविद्यालय द्वारा किया जाता है, और कॉलेज प्रशासन का इस प्रक्रिया में कोई हस्तक्षेप नहीं होता। उन्होंने कहा, “हमारे कॉलेज में सीटें विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित की जाती हैं और तीसरी सूची के बाद हमने विश्वविद्यालय से मांग की थी कि कुछ सीट ‘ऑन द स्पॉट’ राउंड के लिए छोड़ी जाए लेकिन इसके बाबजूद चौथी सूची जारी कर दी गई। अब हमारे पास एक या दो सीट हीं बची हुई है, और अगर छात्र आफर लेटर लेकर आते है तो हम उन्हें एडमिशन दे देंगे। वर्ना कालेज के प्रिंसिपल के नाते मेरे हाथ मे कुछ भी नहीं है, हम विश्वविद्यालय के बनाये नियम कानून पर हीं चलते हैं।
छात्रों के भविष्य पर मंडराते खतरे के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि हमें सीटें मिलती हैं, तो हम उन्हीं छात्रों को एडमिशन देंगे। कॉलेज स्तर पर कोई अतिरिक्त सीट नहीं बढ़ाई जा सकती है।
वहारहाल छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनके आरोपों और कॉलेज प्रबंधन के दावों में कितनी सच्चाई इसका फैसला सरकार और शिक्षा विभाग को जरूर करना चाहिए ताकि सच्चाई सबके सामने हो।
Author: AK
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