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जहानाबाद: बचपन प्ले स्कूल ने मनाया लक्ष्मी गणेश का उत्सव

Jehanabad: Bachpan Play School celebrated the festival of Lakshmi Ganesh

जहानाबाद पूर्वी गांधी मैदान स्थित “बचपन प्ले स्कूल” में आज अलग ही नजारा था । आज विद्यालय प्रांगण में शिक्षिकाओं एवं बच्चों ने विधिवत रूप से “मां लक्ष्मी और गणेश” की पूजा अर्चना की । आरती की थाल के साथ दोनों आराध्य के आरती भी गाए गए ।पारंपरिक रूप से खासकर हमारे अपने बिहार में दीपावली से शुरू होकर छठ के पारण तक राज्य के सभी विद्यालय, महाविद्यालय, कोचिंग संस्थान पूर्णरुपेण बंद हो जाते हैं, क्योंकि यह दोनों ही पर्व की खास महत्ता है । महत्ता इतनी कि सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि इन दोनों पर्वों को हर्षोल्लास के साथ अपनाते और मानते लोग आज दुनिया के अधिकतर देशों में देखे जा सकते हैं । तो भला आज बचपन पीछे कैसे रहता । बच्चों का बचपन में आज आखिरी दिन था क्योंकि कल से छुट्टी शुरू होने वाली है ।

बचपन की शिक्षिकाओं के साथ सारे बच्चे आज नाचे- गाये, पटाखे जलाए साथ-साथ घी के दिए भी जलाए । आज के इस उत्सव में जहां एक ओर आनंद था तो दूसरी ओर संदेश भी था । बच्चों के लिए, हम सबके लिए और समाज के लिए भी ।बचपन अपने हर बच्चे का जन्मदिन बड़ी धूमधाम से मनाता है । आज भी कुछ बच्चों का जन्मदिन मनाया गया । केक काटे गए, टाॅफियां बांटी गईं और मिठाई खिलाए गए । बचपन प्ले स्कूल के निदेशक अरुण प्रवाल से पूछे गए एक सवाल की एक साथ इतने सारे एक्टिविटीज को कैसे इतनी सरलता और बिना शिकन के कर पाते हैं ? वह भी इतने व्यवस्थित तरीके से ? तो उन्होंने जवाब दिया कि” हम हमारे बच्चों के उन चार-पांच घंटे के लिए उनकी मां भी होते हैं और उनके पिता भी । ये हमारे बच्चे हैं और हम इनके अभिभावक भी हैं । और हमारी यही सोच यह सारा कुछ हमसे इतनी सरलता से करा पती है। हमारे विद्यालय में एक भी क्लास टीचर नहीं होतीं बल्कि, वे मदर टीचर्स होती हैं । इस कारण एक ऐसा जुड़ाव महसूस होता है कि अगर बच्चे को कोई कष्ट है तो इसका रिफ्लेक्शन आप उनके मदर टीचर्स की आंखों में भी देख सकते हैं । विगत कुछ दिनों से बच्चे अपने अपने टीचर्स के साथ मिलकर अपने-अपने पेरेंट्स के लिए एक सरप्राइज्ड गिफ्ट तैयार कर रहे थे । जिसे बच्चे आज ले जाते हुए भाव विभोर हो रहे थे । वह पल कैसा होगा जब तीन-चार साल के बच्चे घर जाकर अपने हाथों का बना कोई सरप्राइज गिफ्ट अपने अभिभावक को समर्पित करेंगे ? अद्वितीय है सब कुछ ।

आज के इस हैट्रिक शेड्यूल को इतनी सरलता से संपन्न कराने में जिन शिक्षिकाओं का अहम योगदान था उनमें हैं विद्यालय की काउंसलर शिक्षा श्रीवास्तव, शिक्षिका रंजू कुमारी, साक्षी श्रीवास्तव, स्वाति कुमारी एवं अनिशा कुमारी ।

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Author: AK

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