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जहानाबाद: एड्स जागरूकता कार्यक्रम तथा एकल उपयोग प्लास्टिक कचरे के निस्तारण पर कार्यक्रम का किया गया आयोजन

Jehanabad: AIDS awareness program and program on disposal of single use plastic waste was organized.

जहानाबाद : सघन एड्स जागरूकता अभियान के अगली कड़ी में राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला प्रतिनिधि एवं रेड रिबन क्लब के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. प्रवीण दीपक के नेतृत्व में आज स्थानीय जहानाबाद कॉलेज, जहानाबाद में छात्र-छात्राओं की बीच एड्स जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। इस कार्यक्रम में उनके साथ डॉ. विजय कुमार सिन्हा, आई.सी.टी.सी परामर्शी तथा एस.टी.डी. परामर्शी श्रीमती पूनम कुमारी भी उनके साथ थे। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य डॉ. रामउदय शर्मा के स्वागत उद्बोधन से साथ हुई।

उन्होंने कहा कि आज के परिदृश्य में जबकि सूचना बहुत तेजी से फैलती है। हर एक को सही जानकारी होना बहुत जरूरी है। एड्स और अन्य यौन संचारित बीमारियों के बारे में जानकारी होनी चाहिये, तभी “जानकारी ही बचाव है” नारा का व्यापक प्रचार और प्रसार संभव हो सकेगा, और तभी एड्स जैसे भयानक बीमारियों से लड़ने में सफल हो सकेंगे।

वहीं रेड रिबन क्लब के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. प्रवीण दीपक ने एचआईवी तथा एड्स के कारण, प्रभाव, बचाव तथा जागरूकता के जरूरत पर विस्तार से प्रकाश डाला और बताया कि एड्स एक संक्रामक रोग तो है लेकिन छूने से, साथ बैठने अथवा काम करने से नहीं फैलता, अतः हमें एड्स मरीज दूर रहने की जरूरत नहीं है, हमें इनसे घृणा नहीं करना चाहिये। एड्स परामर्शी डॉ. विजय कुमार सिन्हा और एसटीडी परामर्शी पूनम कुमारी भी सम्बंधित विषय पर अपनी बात विस्तार से रखी।

दूसरी तरफ एस. एस. कॉलेज जहानाबाद में राष्ट्रीय सेवा योजना के बैनर तले आज स्वच्छता पखवाड़ा के छठे दिन एकल उपयोग प्लास्टिक के संग्रहण तथा पुनर्प्रयोग विषय पर कार्यक्रम हुआ, जिसमें राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों तथा महाविद्यालय के शिक्षक तथा शिक्षकेत्तर कर्मियों के द्वारा कैंपस तथा आस-पास फैले प्लास्टिक कचरे का संग्रहण किया गया।

इस दौरान स्वयंसेवकों एवं छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. कृष्णानंद ने कहा कि यूं तो कोई भी अपशिष्ट वातावरण को नुकसान ही पहुंचाते हैं, लेकिन प्लास्टिक प्रदूषण स्वास्थ्य के लिये बहुत खतरनाक होता है क्योंकि ये कैंसर जैसे गंभीर बीमारी पैदा कर सकते हैं, तथा इसका अपघटन होने में सैकड़ों साल लग जाता है।

एन.एस.एस. कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. प्रवीण दीपक ने प्लास्टिक प्रदूषण के विभिन्न पहलुओं तथा माइक्रो-प्लास्टिक मानव तथा अन्य जीव-जंतुओं पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव का विस्तार से चर्चा की, तथा संग्रहित प्लास्टिक कचरे के उपयोग में लाये जा रहे तथा संभावित विभिन्न उपयोग के बारे में छात्र-छात्राओं को बताया। इस मौके पर वित्तेक्षक डॉ. श्रीनाथ शर्मा ने स्वयंसेवियों तथा छात्र-छात्राओं को इसे आगे भी जारी रखने की नसीहत दी।

इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवियों तथा छात्र-छत्राओं के अलावा डॉ. इमरान अरशद, डॉ. रागिनी सिन्हा, प्रो. सुनीता तिवारी, अनिल कुमार सिन्हा, सुनील कुमार, अनिल कुमार द्विवेदी, प्रेम कुमार इत्यादि शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक सदस्य प्रमुखता से शामिल रहे।

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Author: AK

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