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नई दिल्ली, 15 जून। दिल्ली पुलिस की लापरवाही का एक उदाहरण आज हरिनगर थाने में देखा गया। हरिनगर थाने में एक अपहरण और दुष्कर्म के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी को खोज निकाला और पंजाब से गिरफ्तार कर ले आई। लेकिन आरोपी हरिनगर थाना पुलिस की हिरासत से फरार हो गया। पुलिसकर्मी आरोपी की मेडिकल जांच कराने के लिए डीडीयू अस्पताल लेकर गए थे, जहां से वह उन्हें धक्का देकर भाग गया।
अब इस पूरे मामले में संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि हरिनगर थाना पुलिस को पिछले महीने एक नाबालिग बच्ची के अपहरण और घर से 20 लाख की ज्वेलरी, नकदी चोरी की शिकायत मिली थी। पुलिस ने मामले में आईपीसी की धारा 363 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के बाद पुलिस टीम ने आरोपी को पंजाब से गिरफ्तार किया। पुलिस की टीम ने आरोपी से पूछताछ की और फिर नाबालिग को उसके चंगुल से छुड़ाया। पुलिस दोनों को लेकर दिल्ली पहुंची। कानूनी कार्रवाई करने के बाद पुलिस आरोपी को मेडिकल जांच के लिए डीडीयू अस्पताल लेकर गई। मेडिकल जांच के बाद आरोपी पुलिसकर्मियों को धक्का देकर अस्पताल के अंदर भागने लगा।
पुलिसकर्मियों ने पीछा किया लेकिन तब तक वह आंखों से ओझल हो गया। पुलिसकर्मियों ने अस्पताल के अंदर और बाहर उसकी लंबे समय तक तलाश की। इसके बाद आलाअधिकारियों को सूचना दी। हरिनगर थाने में संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है। फिलहाल पुलिस आरोपी के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं जुटा सकी है।
Author: AK
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