तुहिन कांत पांडे सेबी के नए प्रमुख बने। उनका कार्यकाल तीन साल का होगा। वे पहले वित्त मंत्रालय में सचिव थे।
1. तुहिन कांत पांडे बने सेबी के नए प्रमुख
2. वित्त मंत्रालय में निभाई अहम भूमिका
3. उत्कृष्ट शैक्षणिक और प्रशासनिक अनुभव
तुहिन कांत पांडे सेबी (SEBI) के अगले चीफ बनाए गए हैं। इनका कार्यकाल तीन साल का होगा। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय (DoPT) ने इस नियुक्ति को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। नियुक्ति को कैबिनेट से मिली मंजूरी के बाद जारी पत्र के मुताबिक 1987 बैच के प्रशासनिक अधिकारी तुहिन कांत पांडे फिलहाल वित्त मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्यरत हैं।
सरकार ने नियुक्ति आदेश में साफ किया है कि पदभार ग्रहण करने की तारीख से या अगले आदेश तक इनका कार्यकाल तीन साल का होगा। पांडे ओडिशा कैडर के वरिष्ठ आईएएस पदाधिकारी रहे हैं। करीब दो साल से भी अधिक समय पहले हुए एअर इंडिया विनिवेश प्रक्रिया के समय भी पांडे चर्चा में रहे थे।

कौन हैं तुहिन कांत पांडे
बता दें कि नए सेबी चीफ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की टीम का अहम हिस्सा रहे हैं। तुहिन कांत पांडे सितंबर, 2024 में वित्त सचिव बनाए गए थे। जनवरी, 2025 में उन्हें वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग (डीओआर) के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया। एअर इंडिया के निजीकरण और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के आईपीओ की प्रक्रिया में उल्लेखनीय योगदान के लिए चर्चित रहे पांडे वित्त मंत्रालय में आने से पहले गृह कैडर ओडिशा में प्रमुख सचिव के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।
शैक्षणिक योग्यता:
तुहीन कांत पांडे ने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर यानी एमए की डिग्री हासिल की है और उच्च शिक्षा के लिए विदेश भी गए। ब्रिटेन में प्रबंधन की पढ़ाई करने गए पांडे ने बर्मिंघम विश्वविद्यालय (यूके) से मास्टर्स ऑफ बिजनेस एडिमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) की उपाधि हासिल की है।
बतौर नौकरशाह कई विभागों में दे चुके हैं अपनी सेवा
तुहीन पांडे वित्त मंत्रालय में आने से पहले, संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (यूएनआईडीओ) के क्षेत्रीय कार्यालय में भी योगदान दे चुके हैं। बतौर नौकरशाह ओडिशा सरकार के कई अहम पदों पर काम कर चुके तुहिन कांत पांडे, केंद्र में आने के बाद NITI आयोग (नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया) में संयुक्त सचिव, केंद्रीय मंत्रीमंडल सचिवालय में संयुक्त सचिव और वाणिज्य मंत्रालय में उप सचिव के रूप में भी अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं। बता दें कि नीति आयोग को पीएम मोदी के कार्यकाल से पहले योजना आयोग के रूप में जाना जाता था।
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इसके अलावा पांडे केंद्र सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग में भी उल्लेखनीय योगदान दे चुके हैं। निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) में भी रहे। लोक उद्यम विभाग (डीपीई) में भी सेवाएं दीं हैं। डीआईपीएएम और डीपीई दोनों वित्त मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करते हैं। तुहिन कांत पांडे का ओडिशा में ऐसा रहा कार्यकाल केंद्र सरकार के विभागों में आने से पहले ओडिशा सरकार के स्वास्थ्य, सामान्य प्रशासन, वाणिज्यिक कर, परिवहन और वित्त विभागों में तुहिन कांत पांडे ने बतौर प्रशासनिक प्रमुख अपनी सेवाएं दीं। नौकरशाह के तौर पर अपने शानदार प्रशासनिक करियर में ओडिशा राज्य वित्त निगम के कार्यकारी निदेशक रहे पांडे ओडिशा लघु उद्योग निगम के प्रबंध निदेशक भी बने।
Author: AK
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