
आज मंगलवार को जहानाबाद के बाल विद्या मंदिर में वर्ग 1 से 10 के बच्चों के लिए नई शिक्षा नीति लागु होने के बाद निपुण भारत के तहत एफ एल एन कार्यक्रम का किया गया आयोजन जिसका मुख्य उदेश्य है यह सुनिश्चित करना है, कि देश का प्रत्येक बच्चा 2026-27 तक ग्रेड 3 के अंत तक मूलभूत साक्षरता और संख्या गणना कौशल आवश्यक रूप से प्राप्त कर सके।बच्चों को संख्या, माप और आकार के क्षेत्र में तर्क को समझाने के लिए; और उन्हें संख्यात्मकता और स्थानिक समझ कौशल के माध्यम से समस्या का समाधान कर सक्षम बनाना। टीचर लर्निंग मेटेरियल अंतर्गत से बच्चों के साइंस मॉडल तैयार किया गया और किस तरह यह विद्यार्थीयों के लिए सहयोगी होगा इसके बारे में बच्चों ने विस्तृत रूप बताया । एक्सपेरिमेंट, रीडिंग स्कील ,सेमिनार जैसे कई कार्यक्रम किया गया।


वही मौके पर उपस्थित स्कूल के निदेशक अक्षय कुमार ने बताया की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुसार, स्कूल शिक्षा प्रणाली की सर्वोच्च प्राथमिकता वर्ष 2025 तक प्राथमिक स्तर पर मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान कौशल का सार्वभौमिक अर्जन प्राप्त करना है। मूलभूत शिक्षा एक बच्चे की सम्पूर्ण भावी शिक्षा का आधार है। बोध के साथ पढ़ने, लिखने और गणित के आधारभूत प्रश्न हल कर पाने में मूलभूत कौशल प्राप्त न कर पाने से बच्चे कक्षा 3 के बाद पाठ्यक्रम की जटिलताओं के लिए तैयार नहीं हो पाते। स्कूल के प्राचार्या ने बताया की इस पहल के माध्यम से शारीरिक और सामाजिक-भावनात्मक विकास, साक्षरता और संख्यात्मक विकास, संज्ञानात्मक विकास, जीवन कौशल आदि जैसे परस्पर संबंधित और परस्पर निर्भर विकास के विभिन्न क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करके बच्चे का समग्र विकास प्रगति कार्ड में परिलक्षित होगा। T.L.M एवं F.L.N के द्वारा बच्चे तेजी से सीखने की गति हासिल करेंगे जिसका बाद के जीवन के परिणामों और रोजगार पर सकारात्मक प्रभाव हो सकता है।मौके पर सभी शिक्षक उपस्थित रहे ।
Author: AK
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