
बाल विद्या मंदिर में धूमधाम से मनाया गया सावन महोत्सव बाल विद्या मंदिर स्कूल में सावन महोत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान स्कूल में मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। छात्राओं ने एक दूसरे को मेहंदी लगाकर अपनी कला का प्रदर्शन किया। इस दौरान विजेताओं को सम्मानित भी किया गया।भारतीय परंपरा और त्यौहारों में मेहंदी का बहुत महत्व है। इसके बिना कोई भी त्यौहार या अनुष्ठान पूरा नहीं हो सकता। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में विभिन्न त्यौहारों पर प्रदर्शित भारत की परंपरा और रीति-रिवाजों के प्रति रुचि पैदा करना भी था। इस प्रतियोगिता में बहुत से विद्यार्थियों ने अपने समूह की श्रेणी के अनुसार भाग लिया और सुंदर और कलात्मक डिजाइनों के रूप में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया इसके साथ विद्यालय में बच्चों ने राखी बनाओ प्रतियोगिता में भाग लिया। बच्चों के द्वारा एक से बढ़कर एक राखी बनाई गई राखी बनाओ प्रतियोगिता के अवसर पर विद्यालय के बच्चों में काफी उत्साह देखा गया सभी बच्चे अपनी कलाओं का परिचय राखी बनकर दिया इस प्रतियोगिता में पांचवें वर्ग की छात्रा सलोनी कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया ।

आठवें वर्ग के धानी गुप्ता दूसरे स्थान प्राप्त किया वही तीसरे स्थान आठवें वर्ग के दिप्ती कुमारी ने प्राप्त किया आदि छात्राओं ने बहुत ही सुंदर राखी बनाई मौके पर विद्यालय के प्राचार्य कंचन मला कुमारी ने बच्चो की इस प्रतिभा को खूब सराहा।
प्राचार्या महोदया ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजन से बच्चो में स्वावलंबन की भावना का विकास होता है तथा हर बार कुछ नया करने के लिए उत्साह भी बढ़ता है। सभी छात्राओं ने राखी बनाकर अपना कला का प्रदर्शन दिया ।वही मौके उपस्थित विद्यालय के निदेशक अक्षय कुमार ने बताये कि मेहंदी अस्थायी शारीरिक कला का एक रूप है जिसे मेहंदी का उपयोग करके त्वचा पर चित्रित किया जाता है।मेंहदी व्यक्ति की आध्यात्मिकता को बनाए रखती है और सुख-समृद्धि का संकेत देता है ।वही मौके पर सभी शिक्षक उपस्थित रहे ।
Author: AK
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