
अपर जिला एवम सत्र न्यायधीश जावेद अहमद खान ने सुनाई सजा।
जहानाबाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय जावेद अहमद खान की अदालत ने कमलेश ठाकुर हत्याकांड मामले में दोषी करार अभियुक्त उपेंद्र भगत को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है ! आरोपी अरवल जिले के करपी थाना क्षेत्र लोदीपुर गांव का रहने वाला है। मामले में सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक बिंदुभूषण प्रसाद ने बताया कि, यह मामला करपी थाना 250/20 से संबंधित है, जिसमें मृतक का पुत्र रंजीत ठाकुर ने अभियुक्तों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया था कि, जमीनी विवाद को लेकर गांव के ही रहने वाले उपेंद्र भगत एवं परमेश्वर भगत से झगड़ा झंझट होते रहता था ! इसी विवाद को लेकर उपेंद्र भगत अन्य अभियुक्तों के साथ मिलकर लाठी एवं लोहे के रड से सूचक के पिता कमलेश ठाकुर के सर पर मारा जिससे कमलेश ठाकुर लहूलुहान होकर गिर गया।, हल्ला हंगामा होने पर अभियुक्त मौके से फरार हो गए थे, वही कमलेश ठाकुर को जख्मी हालत में ग्रामीणों के सहयोग से करपी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उसे बेहतर इलाज के लिए अरवल सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया था , वही इलाज के क्रम में कमलेश ठाकुर की मृत्यु हो गई थी ! लिहाजा मामला न्यायालय पहुंचा, जहां अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय जावेद अहमद खान की अदालत ने अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद मामले में सुनवाई करते हुए बीते बुधवार को अभियुक्त उपेन्द्र भगत को दोषी करार दिया था , और एक अभियुक्त परमेश्वर भगत को साच्छ्य के अभाव में बरी कर दिया था। आज सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए भारतीय दंड विधि की धारा 302 के तहत आरोपी उपेंद्र भगत को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई, एवम दस हजार रुपया अर्थ दंड भी लगाया गया, अर्थ दंड की रकम नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अभियोजन की ओर से अनुसंधान कर्ता, डॉक्टर के आलावे अन्य सात गवाहों की गवाही कराई गई।
Author: AK
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