सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर संस्थान हो सकते हैं सील, लखनऊ हादसे से सबक लेने की अपील
जहानाबाद जिले में छात्रों की सुरक्षा को लेकर अग्निशमन विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को जिला अग्निशमन पदाधिकारी के नेतृत्व में शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में विशेष अग्नि सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान लगभग 20 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया, जहां अधिकांश संस्थानों में अग्निशमन सुरक्षा से संबंधित आवश्यक उपकरण, आपातकालीन निकास व्यवस्था तथा निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का अभाव पाया गया। निरीक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने पाया कि कई संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर नहीं लगे थे, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की व्यवस्था नहीं थी तथा विद्युत सुरक्षा मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित संस्थानों को 24 घंटे के भीतर सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों को पूरा करने का निर्देश दिया गया है। अभियान की निगरानी कर रहे अग्निशमन विभाग के अधिकारी मंटू कुमार ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर संस्थान सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे संस्थानों को सील भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में गर्मी के साथ-साथ शॉर्ट सर्किट, खराब वायरिंग और विद्युत उपकरणों की खराबी जैसी घटनाएं आग लगने का प्रमुख कारण बन रही हैं। इसलिए सभी कोचिंग संचालकों को अपने संस्थान की विद्युत व्यवस्था की नियमित जांच कराने तथा सुरक्षा उपकरणों को क्रियाशील रखने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत 112 और 101 पर सूचना दें। आग लगने की स्थिति में सूझबूझ और संयम से काम लेना चाहिए ताकि जान-माल की क्षति को रोका जा सके। निरीक्षण के दौरान विभाग ने संस्थानों को कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए। इनमें प्रत्येक भवन में स्पष्ट रूप से चिन्हित इमरजेंसी एग्जिट, कम से कम दो निकास द्वार, अग्निशमन यंत्र, सुरक्षा संकेतक बोर्ड तथा आपदा के समय छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
लखनऊ हादसे से सबक लेने की जरूरत
अग्निशमन अधिकारियों ने हाल ही में लखनऊ में हुई आगजनी की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कभी-कभी बड़े हादसों का कारण बन जाती है। ऐसे हादसों में कुछ ही मिनटों की लापरवाही कई लोगों की जान जोखिम में डाल सकती है। इसलिए सभी शिक्षण संस्थानों को सुरक्षा नियमों का अक्षरशः पालन करना चाहिए। अधिकारियों ने कहा कि कोचिंग संस्थानों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन करने आते हैं। ऐसे में संस्थान संचालकों की जिम्मेदारी बनती है कि वे भवन सुरक्षा, अग्निशमन उपकरण, विद्युत सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। जिला अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में भी यह अभियान जारी रहेगा और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



















