बिहार के अरवल जिले में किसानों की डिजिटल पहचान बनाने की प्रक्रिया शुरू। 4474 किसानों को मिलेगा यूनिक आईडी, ई-केवाईसी और फेस रिकॉग्निशन के जरिए सत्यापन।
Digital Farmer ID Drive Begins in Arwal: 4474 Farmers to Receive Unique Identity Cards
अरवल में शुरू हुई किसानों की डिजिटल पहचान प्रक्रिया
बिहार के अरवल जिले में किसानों की पहचान को डिजिटल रूप देने के लिए फार्मर रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसका उद्देश्य है किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना।
4474 किसानों की होगी पहचान सत्यापित
जिले के 10 राजस्व ग्रामों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत रजिस्ट्री कैंप लगाए गए हैं, जिनमें कुल 4474 किसानों का डेटा एकत्र किया जा रहा है। उन्हें 11 अंकों वाला विशिष्ट पहचान पत्र प्रदान किया जाएगा।
गांववार पहचान पत्र वितरण आंकड़े
खभैंनी – 276
सकरी – 264
कलेर – 347
कामता – 351
कोचहसा – 877
आईयारा – 741
धमौल – 389
बारा – 261
माली – 686
खटांगी – 288
दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
फार्मर रजिस्ट्री प्रक्रिया दो हिस्सों में पूरी की जा रही है। किसान कोऑर्डिनेटर ई-केवाईसी कर रहे हैं जबकि राजस्व कर्मचारी जमीन की जानकारी बकेटिंग कर रहे हैं। किसान को दोनों चरणों में उपस्थित रहना अनिवार्य है क्योंकि फेस रिकॉग्निशन से पहचान की पुष्टि की जाती है।
सख्त निगरानी के निर्देश
अनुमंडल कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार के अनुसार, इस कार्य की मॉनिटरिंग जिला स्तर से की जा रही है। सभी वरीय पदाधिकारियों को अपने क्षेत्र में जाकर कैंप की निगरानी और तकनीकी सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
डिजिटल पहचान क्यों है जरूरी
सरकारी योजनाओं का पारदर्शी लाभ
कृषि संबंधित डेटा का बेहतर प्रबंधन
फर्जीवाड़े की रोकथाम
किसानों की सही पहचान और रिकॉर्ड बनाए रखना
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Author: AK
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