नोनही गांव से लद्दाख तक का सफर, अमित सिन्हा ने कठिन पहाड़ी परिस्थितियों में हासिल की प्रेरणादायक उपलब्धि
जहानाबाद। जिले के नोनही गांव निवासी अमित सिन्हा ने लद्दाख में आयोजित करीब 72 किलोमीटर लंबी खार्दुंग ला चैलेंज रेस को 11 घंटे 35 मिनट में पूरा कर जिले का नाम रोशन किया है। रेस का सबसे ऊंचा बिंदु करीब 18 हजार फीट की ऊंचाई पर था। बेहद कम ऑक्सीजन, ठंड और कठिन पहाड़ी परिस्थितियों के बीच आयोजित इस रेस में प्रतिभागियों की शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता की भी कड़ी परीक्षा होती है।
खार्दुंग ला चैलेंज को देश की कठिन अल्ट्रा रनिंग प्रतियोगिताओं में गिना जाता है। इसमें भारत समेत दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से चयनित करीब 300 प्रतिभागियों को ही हिस्सा लेने का अवसर मिलता है। हर वर्ष लगभग 40 से 50 प्रतिभागी रेस पूरी नहीं कर पाते। ऐसे में अमित का पूरी दूरी को तय कर निर्धारित समय में रेस पूरी करना उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है।
नेतरहाट से इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट तक का सफर
अमित की प्रारंभिक शिक्षा प्रतिष्ठित नेतरहाट विद्यालय में हुई। इसके बाद उन्होंने बीटेक और एग्जीक्यूटिव एमबीए की पढ़ाई पूरी की। साहित्य, रनिंग और फाइनेंस में उनकी विशेष रुचि रही है। शिक्षा और पेशेवर जीवन के साथ उन्होंने रनिंग को भी अपनी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया और लगातार अभ्यास के जरिए लंबी दूरी की दौड़ के लिए खुद को तैयार किया।
परिवार और दोस्तों के सहयोग को बताया सफलता की ताकत
अमित अपनी इस उपलब्धि को केवल अपनी व्यक्तिगत मेहनत का परिणाम नहीं मानते। वे इसके पीछे परिवार और दोस्तों के सहयोग को अहम बताते हैं। उनके पिता और भाई, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, हमेशा उन्हें यह विश्वास दिलाते थे कि व्यक्ति चाहे कितनी भी छोटी जगह से आया हो, उसके सपने छोटे नहीं होने चाहिए।
आज उनकी बहनों, पत्नी और बेटी का निरंतर सहयोग भी उनके लिए बड़ी ताकत है। अमित के अनुसार, परिवार ने उन्हें अपने सपनों और लक्ष्यों की ओर बढ़ने की पूरी स्वतंत्रता दी और हर चुनौती में उनका हौसला बढ़ाया। वहीं, उनके रनिंग पार्टनर्स और दोस्तों ने नियमित अभ्यास और कठिन ट्रेनिंग के दौरान उनका साथ दिया।
अमित ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की सफलता केवल उसकी अपनी मेहनत का परिणाम नहीं होती। उनके माता-पिता और भाई ने उन्हें बड़े सपने देखने का विश्वास दिया, परिवार ने उन सपनों को पूरा करने की आजादी दी और दोस्तों ने हर कदम पर उनका उत्साह बढ़ाया। उनके लिए यह पूरा सपोर्ट सिस्टम ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनी यात्रा
अमित की यात्रा नोनही गांव से शुरू होकर नेतरहाट विद्यालय, इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट की शिक्षा से गुजरते हुए लद्दाख की करीब 18 हजार फीट ऊंची पहाड़ियों तक पहुंची है। उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण है। उनका मानना है कि सपनों का आकार व्यक्ति की जगह या परिस्थितियों से तय नहीं होता। स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर मेहनत और परिवार व दोस्तों के सहयोग से कठिन से कठिन चुनौती को भी पार किया जा सकता है।
अमित के लिए खार्दुंग ला चैलेंज केवल 72 किलोमीटर की रेस पूरी करना नहीं था, बल्कि वर्षों से भीतर कायम उस विश्वास की जीत थी कि शुरुआत चाहे कहीं से भी हो, यदि लक्ष्य ऊंचा हो और प्रयास लगातार जारी रहे तो मंजिल तक पहुंचा जा सकता है।
Jehanabad News: A 72-kilometer challenge at an altitude of 18,000 feet—Khardung La race completed in 11 hours and 35 minutes.



















