पटना एयरपोर्ट से 18 देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानें जल्द शुरू हो सकती हैं। सरकार ने इसे पर्यटन गेटवे में शामिल किया है।
International Flights from Patna to 18 Nations Soon
पटना एयरपोर्ट से 18 देशों के लिए उड़ानें जल्द संभव
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर खुला रास्ता
बिहार की राजधानी पटना से अंतरराष्ट्रीय सीधी उड़ानें शुरू करने की संभावना अब वास्तविक रूप ले रही है। राज्यसभा में भाजपा सांसद डॉ. भीम सिंह ने जब यह मुद्दा उठाया कि जयप्रकाश नारायण हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा तो प्राप्त है लेकिन वहां से एक भी सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान नहीं चलती, तो इसपर केंद्र सरकार ने विस्तार से जवाब दिया।
नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने बताया कि पटना हवाई अड्डा न सिर्फ सीमा शुल्क अधिसूचित हवाई अड्डा है, बल्कि इसे भारत सरकार ने उन 18 पर्यटन गेटवे स्थलों में शामिल किया है जहां से बिना किसी सीमा के उड़ानों का संचालन किया जा सकता है। यह बिहार और खासकर राज्य के प्रवासी नागरिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है।
पटना एयरपोर्ट: अंतरराष्ट्रीय दर्जा, लेकिन उड़ान नहीं
क्या है वर्तमान स्थिति?
पटना का जयप्रकाश नारायण हवाई अड्डा लंबे समय से एक महत्वपूर्ण घरेलू हवाई अड्डा रहा है। यहां से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद जैसे प्रमुख भारतीय शहरों के लिए नियमित उड़ानें संचालित होती हैं। लेकिन यह हवाई अड्डा अंतरराष्ट्रीय दर्जा प्राप्त होने के बावजूद किसी भी विदेशी देश के लिए सीधी उड़ानें नहीं चला रहा है।
यह बात तब और गंभीर बन जाती है जब हम यह देखें कि बिहार से बड़ी संख्या में लोग खाड़ी देशों (जैसे यूएई, सऊदी अरब, कुवैत) और दक्षिण-पूर्व एशिया (जैसे मलेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड) में काम या पढ़ाई के लिए जाते हैं।
18 देशों के लिए उड़ानें: क्या कहा सरकार ने?
किन देशों के लिए उड़ानों की मंजूरी?
केंद्र सरकार ने सदन को जानकारी दी कि पटना एयरपोर्ट से भारत की एयरलाइंस को 5 सार्क देशों और 10 आसियान देशों के लिए असीमित उड़ानें शुरू करने की अनुमति दी गई है। ये देश हैं:
सार्क देश:
- बांग्लादेश
- भूटान
- नेपाल
- मालदीव
- श्रीलंका
आसियान देश:
- सिंगापुर
- मलेशिया
- थाईलैंड
- ब्रुनेई
- वियतनाम
- इंडोनेशिया
- म्यांमार
- कंबोडिया
- फिलीपींस
- लाओस
इसके अलावा, भारत के हवाई सेवा समझौतों के तहत खाड़ी देशों जैसे यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और सऊदी अरब के लिए भी उड़ानों की अनुमति है। यह कुल मिलाकर 18 से अधिक देशों के लिए सीधी उड़ानों की संभावना को दर्शाता है।
आर्थिक व्यवहार्यता: सबसे बड़ा प्रश्न
उड़ानों की शुरुआत क्यों नहीं हो रही?
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पटना से इन देशों के लिए उड़ानों का संचालन संभव है, लेकिन अंतिम निर्णय एयरलाइंस कंपनियों की व्यावसायिक नीति और मार्ग की आर्थिक व्यवहार्यता पर आधारित होता है।
इसका अर्थ है कि भले ही सरकार अनुमति दे चुकी हो, लेकिन अगर कोई भी एयरलाइन उस रूट को लाभकारी नहीं मानती, तो वह उड़ान शुरू नहीं करती। यही कारण है कि अब तक किसी भी भारतीय या विदेशी एयरलाइन ने पटना से सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू नहीं की है।
डॉ. भीम सिंह की मांग: आगे क्या?
सांसद का आग्रह
राज्यसभा में भाजपा सांसद डॉ. भीम सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने पटना हवाई अड्डे का आधारभूत ढांचा मजबूत किया है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। अब अगला तार्किक कदम यही होना चाहिए कि सरकार पटना से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की आर्थिक व्यवहार्यता का अध्ययन कराए और संबंधित एयरलाइनों को प्रोत्साहित करे।
युवाओं और प्रवासी श्रमिकों को होगा लाभ
उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम विशेष रूप से बिहार के प्रवासी मजदूरों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा युवाओं के लिए अत्यंत लाभकारी होगा। वर्तमान में उन्हें पहले दिल्ली, कोलकाता या हैदराबाद जाना पड़ता है और फिर वहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़नी होती है। इससे न सिर्फ समय और पैसा दोनों की बर्बादी होती है, बल्कि यात्रा भी अधिक थकाऊ बनती है।
बिहार का एयर ट्रैफिक: क्यों जरूरी है अंतरराष्ट्रीय उड़ानें?
प्रवासी आबादी और उड़ानों की मांग
बिहार से हर साल लाखों लोग खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया में काम करने जाते हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षा, व्यापार और पारिवारिक कारणों से भी विदेश यात्रा करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में पटना से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सीधी सुविधा समय की मांग है।
हवाई यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी
वर्ष 2023-24 में पटना एयरपोर्ट से 30 लाख से अधिक यात्रियों ने उड़ान भरी। इनमें से बड़ी संख्या उन यात्रियों की थी जो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अन्य शहरों का सहारा ले रहे थे। अगर पटना से सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होती हैं, तो एयर ट्रैफिक में और तेजी आएगी।
पटना एयरपोर्ट पर बुनियादी ढांचे का विकास
क्या हवाई अड्डा तैयार है?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जानकारी दी है कि पटना एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस किया गया है। नए टर्मिनल भवन, विस्तृत रनवे, आधुनिक सिक्योरिटी व्यवस्था और यात्रियों की सुविधा के लिए कई नवाचार किए गए हैं। यह सब दर्शाता है कि पटना एयरपोर्ट अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए पूरी तरह सक्षम है।
निष्कर्ष: उड़ानों की शुरुआत का इंतजार
पटना एयरपोर्ट से सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अनुमति और संभावनाएं पूरी तरह से स्पष्ट हैं। अब सिर्फ आवश्यकता है एयरलाइनों द्वारा व्यावसायिक निर्णय लेने की, जिससे यह सपना हकीकत बन सके।
यदि यह प्रक्रिया तेज होती है, तो बिहार के लाखों प्रवासी नागरिकों, छात्रों और उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही, यह राज्य की अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
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Author: AK
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