
बिहार में आज से होने वाले न्यायिक कार्य बाधित हो सकते हैं, क्योंकि आज से बिहार में बिहार राज्य व्यवहार न्यायालय कर्मचारी संघ के द्वारा अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल का आव्हान किया गया है। इससे बिहार राज्य न्यायालय कर्मचारी संघ के कर्मचारियों के द्वारा पूरे राज्य में अपनी 4 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल की जा रही है।
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि वह अपनी मांगों को लेकर बिहार सरकार से लेकर रजिस्ट्रार, सुप्रीम कोर्ट तक जा चुके हैं। कई बार पत्राचार कर चुके हैं, लेकिन उनकी मांगे नहीं सुनी जा रही है। इसलिए उन्हें अब यह करना पड़ रहा है।
प्रमुख मांगो के समर्थन में आज से यानी की 16 जनवरी से व्यवहार न्यायालय, प्रशासनिक सहायक, प्रधान लिपिक, लेखापाल, नाजीर सभी संवर्ग के व्यवहार न्यायालय के कर्मचारीगण अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जायेंगे।
क्या हैं इनकी मांगें:
बिहार राज्य व्यवहार न्यायालय कर्मचारी संघ के चार सूत्री मुख्य मांगे हैं :
- सभी संवगों की वेतन विसंगति को जल्द से जल्द दूर करें।
- सभी तृतीय और चतुर्य वर्ग के कर्मचारियों की शीघ्र पदोन्नति हो।
- शत प्रतिशत अनुकम्पा पर बहाली हो।
- विशेष न्यायिक कैडर लागू करें।
अनिश्चितकालीन हड़ताल में न्यायिक कर्मी नहीं करेंगे कोई कार्य:
संघ का कहना है कि उनकी मांगे जब तक पूरी नहीं होगी तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल रहेगा। इस दौरानकोई भी कर्मचारी किसी भी परिस्थिति में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश समेत किसी भी न्यायिक पदाधिकारी के आवास पर नहीं जायेंगे। कोई भी कर्मचारी किसी भी परिस्थिति में दिनांक 15 जनवरी 2025 के बाद की अवधि का किसी भी प्रकार का छुट्टी का आवेदन नहीं देंगे व मुख्यालय से बाहर नही रहेंगे। अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल के दौरान किसी भी राजनीतिक, धार्मिक, असंसदीय व उन्मादी स्लोगन पुरी तरह से वर्जित होगा। न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े किसी भी व्यक्ति पर कोई निजी टिप्पणी नहीं करेंगे व अनैतिक व्यवहार नहीं करेंगे। कोई रास्ता अवरुद्ध नहीं करेंगे। किसी भी राजनीतिक या वीआइपी व्यक्ति को अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल के किसी भी स्तर पर शामिल नहीं करना है।
Author: AK
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