
जहानाबाद के वनाबर सिद्धेश्वर नाथ धाम मंदिर हादसे के बाद वनाबर पहुंचे। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपने पार्टी नेताओं और अधिकारियों से बात की। मखदुमपुर मंदिर स्थित सर्किट हाउस में उन्होंने घटना के बारे में बताया कि भगदड़ हुई है। जिसमें कहीं ना कहीं प्रशासन की कमी जरूर है। जीतन मांझी ने कहा कि पहले जितने श्रद्धालु आते थे अब उस 9 गुनी संख्या बढ़ गई है। ऐसे में प्रशासन को व्यवस्था भी उसी तरह से करनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि मंदिर के पास जो हादसा हुआ है। वह किसी विद्वेष या और वजह से नहीं हुआ है। यह सिर्फ इत्तेफाक ही है कि उस दिन घटना हो गई।
जीतन राम मांझी ने कहा कि 2014 में मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने रोपवे निर्माण को लेकर प्रयास शुरू किया था। इसको लेकर 13 करोड़ रूपया निर्गत भी किया गया था । लेकिन अभी तक वह काम अधूरा है। अगर रोपवे होता तो ज्यादातर श्रद्धालु इस से ऊपर आते और जाते ऐसे में घटना की संभावना कम हो जाती। मांझी ने कहा कि अब रोपवे की लागत 21 करोड रुपए है और काम चल रहा है।

लेकिन प्रशासन और सरकार को ध्यान यह देना चाहिए की जल्दी से जल्दी पूरा हो जाए। जीतन राम मांझी ने मंदिर और आसपास की सुविधा को लेकर पर्यटन सचिव और मुख्य सचिव के साथ ही डीएम और एसपी से भी फोन पर बातचीत की। घटना के बारे में सभी अधिकारियों को जानकारी दी और कमियों को दुरुस्त करने को कहा। जीतन मांझी ने संचार व्यवस्था की कमी को लेकर मांग की है कि कम से कम बीएसएनल का टावर यहां पर होना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मंदिर में जाने के लिए तीन रास्ते हैं जहां पर पुलिस की व्यवस्था होनी चाहिए। पुलिस और प्रशासन की नासमझी की वजह से यह घटना हुई है। उन्होंने कहा कि कम से कम मेला के समय में एक अस्पताल की व्यवस्था यहां जरूर होनी चाहिए। पर्यटन विभाग द्वारा नए भवन का निर्माण किया गया है। लेकिन वह अभी तक बंद पड़ा है यह भी अफसोस की बात है।

आने वाले समय में मंदिर में और भी ज्यादा भीड़ होगी ऐसे में इन चीजों को देखते हुए यहां व्यवस्था भी सुदृढ़ करनी होगी। मांझी ने कहा कि यह सारी बातें लिखित में सरकार को देंगे। जीतन राम मांझी ने चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री से जो मांग की थी उसको एक बार फिर दोहराया। जीतन राम मांझी ने बोधगया विष्णु पद होते हुए जो राजगीर कॉरिडोर है उसमें सिद्धेश्वर नाथ मंदिर को शामिल करने की मांग की है।
केंद्रीय मंत्री ने अपने उसे बयान का एक बार फिर से बचाव किया जिसमें उन्होंने आरक्षण में सुधार की मांग की थी। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में डॉक्टर और आईएएस जैसे सेवा में बहुत कम लोग हैं। एक बार फिर से उन्होंने कहा कि D4 की जगह समूचे समाज को लाभ मिलना चाहिए। मांझी ने कहा कि बाबा साहब ने जो मंत्र दिया था उसी के आधार पर मेरी यह मांग जारी है। मेरी मांगे पूरी नहीं हुई तो जिस तरह बड़ी मछली छोटी मछली को खा रही है वह चलता रहेगा। वंचित तबके का ख्याल रखना होगा।
Author: AK
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