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नई दिल्ली, 1 सितंबर। दिल्ली विधानसभा में केजरीवाल सरकार का विश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से पास हो गया है। प्रस्ताव के पक्ष में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत 58 सदस्य खड़े हुए जबकि विरोध में कोई नहीं खड़ा हुआ। वहीं, दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र के पांचवें दिन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा होने लगा। हंगामा इसलिए शुरु हुआ कि भाजपा के आठ विधायकों की मांग थी कि विधानसभा में नई आबकारी नीति में हुए भ्रष्टाचार और स्कूलों में कमरे बनवाने के नाम पर भ्रष्टाचार के बारे में चर्चा हो, लेकिन केजरीवाल सरकार उस पर चर्चा करने की बजाए अन्य चिजों और खुद को कट्टर ईमानदार साबित करने में बिजी रही। जिसके बाद भाजपा विधायकों ने इसका विरोध किया तो उन्हें विधानसभा से बाहर कर दिया गया।
विधानसभा में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा विधायक विजेन्द्र गुप्ता और विधानसभा उपाध्यक्ष राखी बिड़ला में जमकर बहस हुई, जिसके बाद उपाध्यक्ष ने विजेंद्र गुप्ता को पूरे सत्र के लिए निष्कासित कर दिया। जबकि भाजपा विधायक अभय वर्मा, अजय महावर और अनिल वाजपेयी को पूरे दिन के लिए बाहर कर दिया। इसके बाद ही भाजपा के नेता और कार्यकर्ता दिल्ली सरकार के खिलाफ विधानसभा सदन के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। उन्होंने विधानसभा के गेट के पास दिल्ली सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया और केजरीवाल का पुतला जलाया।
आज देश में राष्ट्रीय स्तर पर दो ही पार्टियां बची हैं। एक कट्टर ईमानदार पार्टी और एक कट्टर बेईमान पार्टी।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) September 1, 2022
कट्टर ईमानदार पार्टी देश को अमीर बनाने के लिए काम कर रही है, और कट्टर बेईमान पार्टी अपने दोस्तों को अमीर बनाने के लिए काम कर रही है। pic.twitter.com/dwcVk8Jf2V
इधर विधानसभा में केजरीवाल ने विश्वास मत पारित होने पर कहा कि आप के सभी विधायक कट्टर ईमानदार हैं। इसलिए भाजपा का ऑपरेशन लोटस फेल हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर पर सीबीआई के रेड पड़ने से गुजरात में आम आदमी पार्टी के 4 फीसदी वोट बढ़ गया है। हम शुरु से कहते आ रहे हैं कि मनीष सिसोदिया एकदम कट्टर ईमानदार है। केजरीवाल का मानना है कि अगर सिसोदिया को दो बार गिरफ्तार किया जाए तो आम आदमी पार्टी का गुजरात में सरकार बनना तय है।
केजरीवाल के इस बयान से साफ है कि इस समय गुजरात चुनाव उनके लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। भाजपा इसी पर बार-बार सवाल कर रही है कि दिल्ली की समस्याओं पर केजरीवाल सरकार विधानसभा में चर्चा क्यों नहीं करती और ना ही अपने ऊपर भ्रष्टाचार के आरोपों पर कोई जवाब देती है बल्कि रोज नई योजना लाकर जनता का ध्यान भटका रहे हैं।
Author: AK
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