भारत की पुरुष हॉकी टीम ने बिहार की ऐतिहासिक धरती राजगीर में आयोजित एशिया कप हॉकी 2025 के फाइनल मुकाबले में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए डिफेंडिंग चैंपियन दक्षिण कोरिया को 4-1 से मात देकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस खिताबी जीत के साथ ही भारत ने न सिर्फ चौथी बार एशियन चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, बल्कि आठ साल लंबे इंतजार के बाद इस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। राजगीर में एशिया कप का फाइनल मुकाबला देखने के लिए हजारों की संख्या में दर्शक पहुंचे। पूरे स्टेडियम में तिरंगे लहराते रहे और भारत के हर गोल पर दर्शकों की तालियों और नारों से माहौल गूंजता रहा। खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए स्थानीय लोगों से लेकर दूर-दराज से आए खेल प्रेमियों ने स्टेडियम में जमकर ऊर्जा भरी। जीत के बाद पूरे मैदान में भारत माता की जय” और वंदे मातरम के नारे गूंज उठे। बिहार में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित हॉकी टूर्नामेंट ने साबित कर दिया कि यहां के लोग खेलों को लेकर कितने उत्साहित हैं।
जीत के साथ भारतीय टीम ने आगामी हॉकी वर्ल्ड कप का टिकट भी पक्का कर लिया। फाइनल की शुरुआत भारत ने धमाकेदार अंदाज़ में की। मैच के केवल 29वें सेकेंड में ही सुखजीत सिंह ने गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद पहले क्वार्टर में दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन स्कोर में कोई बदलाव नहीं हुआ। दूसरे क्वार्टर के 28वें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने संजय के बेहतरीन पास पर गोल करते हुए भारत की बढ़त 2-0 कर दी। हाफ टाइम तक भारतीय टीम इस मजबूत बढ़त के साथ मैदान से बाहर गई। तीसरे क्वार्टर में कोरियाई डिफेंस ने भारतीय खिलाड़ियों को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन आखिरी मिनट में दिलप्रीत ने एक और गोल करके स्कोर 3-0 कर दिया। चौथे क्वार्टर की शुरुआत में ही अमित रोहिदास ने गोल जड़ते हुए भारत की बढ़त को 4-0 कर दिया। हालांकि कोरिया की ओर से सोन डियोन ने पेनल्टी कॉर्नर पर एक गोल कर टीम को सांत्वना जरूर दिलाई, लेकिन नतीजे पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और भारत ने मुकाबला 4-1 से जीत लिया। इस यादगार जीत के साथ राजगीर की धरती भारतीय हॉकी की नई ऐतिहासिक गवाही बन गई। यहां मिली जीत ने भारतीय टीम के आत्मविश्वास को और ऊंचा किया है। अब वर्ल्ड कप में टीम से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं।
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Author: Abhishek Kumar
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