
जिला पदाधिकारी अलंकृता पांडे के अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में नीलाम पत्र वाद की समीक्षा बैठक की गई। बैठक के दौरान अपरसम्हर्ता , ब्रजेश कुमार,अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी राहुल कुमार ,नीलम शाखा की प्रभारी पदाधिकारी, कंचन कुमारी झा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी ,सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, भूमि सुधार उपसमाहर्ता उपस्थित थे। प्रभारी पदाधिकारी नीलम शाखा को निदेशित किया गया कि उन सभी वादों का जिनकी राशि 1 लाख से कम है को अनुमंडल एवं अंचल स्तर पर भेजें जिससे कि निलामवाद की की सुनवाई त्वरित रूप से की जा सके। जिला में, जून माह के अंत तक लगभग 8000 मामले नीलामाबाद के तहत सुनवाई के लिए प्राप्त है जिनमें करवाई की जा रही है। इनमें बैंकिंग , खनन विभाग ,उत्पाद ,वाणिज्य विभाग के ज्यादातर मामले हैं।

जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि जो भी मामले हैं ,उनमें धारा 7 के तहत नोटिस जारी करते हुए, तामिला कराए एवम जिन पक्षों को वारंट जारी है, उनमें संबंधित थाना से उन पक्ष की जिनसे वसूली की जानी है की उपस्थिति सुनवाई कर्ता नीलम पदाधिकारी के समक्ष कराए। आवश्यक समन्वय के लिए जिला में लॉ एंड ऑर्डर की बैठकों में इस मुद्दे को रखें एवं पुलिस अधीक्षक के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों में जिनके विरुद्ध वारेंट जारी है उनकी उपस्थिति नीलम पदाधिकारी के समक्ष कराए। पुराने वारंट को पुन अद्यतन करने का निर्देश दिया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा स्पष्ट रूप से सभी नीलम पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि वैसे 20 मामले जिन में राशि अत्यधिक है उनमें तत्परता के साथ तमिला एवं तमिला के पश्चात चेतावनी देते हुए यदि राशि वसूल नहीं हो पा रही हो तो ,वारंट जारी कर उस पर अग्रेतर कार्यवाही यथाशीघ्र करें जिससे कि नीलमवाद के अंतर्गत राशि की वसूली बढ़ाई जा सके। बैंकिंग संबंधी जिला स्तरीय सलाहकार समिति एवं समीक्षा समिति की बैठकों में बैंकिंग के मामलों में जो भी नीलम वाद दायर है उसमें तमिला के लिए बैंकिंग की अपनी-अपनी रिकवरी टीम को सहयोग करने का एजेंडा आगामी बैठक में रखने का भी निर्देश नीलम शाखा के प्रभारी पदाधिकारी को दिया गया।
Author: AK
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