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दिल्ली में आबकारी नीति पर केजरीवाल सरकार घिरती हुई नजर आ रही है। एक तरफ मनीष सिसोदिया आकर कहते हैं कि 1 अगस्त से शराब की नई दुकानें बंद हो जाएगी और शराब अब सरकारी ठेके ही बेचेंगे। आबकारी मंत्री होने के कारण सिसोदिया यह बयान काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। क्योंकि उनका बयान पूरी तरह से केजरीवाल सरकार की नीति को प्रस्तुत करता है लेकिन आज जिस तरह से एक बार फिर से 2 महीने के लिए लाइसेंस के समय सीमा की बृद्धि कई सारे सवाल पैदा करने लगे।
भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता और नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी की अगुवाई में भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री केजरीवाल के आवास के बाहर धरना दिया जिसमें सतेंद्र जैन सहित सिसोदिया को भी पार्टी से बर्खास्त करने की मांग की। आदेश गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने 31 जुलाई को आबकारी नीति को वापस लेने का ऐलान कर दिया था जिसके बाद ठेकों पर पूरी तरह से भीड़ उमड़ पड़ी। कई जगहों पर शराब लेने के लिए आपस में भिड़ंत भी हो गई।
भाजपा प्रतिनिमंडल ने केजरीवाल को एक ज्ञापन देने गए थे जिसमें दोनों मंत्रियों को बर्खास्त करने की बात कही गई थी। हालांकि भाजपा प्रतिनिमंडल को मिलने का समय नहीं दिया गया। भाजपा की यह मांग थी कि सतेंद्र जैन जेल में हैं और सिसोदिया भी सीबीआई की जांच के घेरे में है। इसलिए इनका मंत्रिमंडल में रखना ईमानदार और सच्चाई की ढ़ोल पीटने वाली केजरीवाल सरकार की नैतिक के खिलाफ है।
भाजपा का आरोप है कि दिल्ली सरकार शराब माफियाओं के गिरफ्त में पूरी तरह से फंस चुकी है जिससे वह बाहर नहीं आ सकती और केजरीवाल के पास मजबूरी भी है क्योंकि शराब के ठेकेदारों से करोड़ो रूपये की वसूल करके उनका गुलाम बने हुए हैं।
Author: AK
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