अलीगंज के कामेश्वर उच्च विद्यालय की ICT लैब को बनाया निशाना, CCTV का DVR भी उखाड़ ले गए चोर; तीन से चार लाख रुपये के नुकसान का अनुमान
जहानाबाद। जिले के घोसी प्रखंड अंतर्गत अलीगंज स्थित कामेश्वर उच्च विद्यालय में चोरों ने चोरी की ऐसी वारदात को अंजाम दिया है, जिसने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मॉडल विद्यालय के रूप में चयनित इस स्कूल की आईसीटी लैब में घुसे चोरों ने 16 कंप्यूटरों के CPU खोलकर उनमें लगे हार्ड डिस्क, प्रोसेसर और रैम जैसे महत्वपूर्ण पार्ट्स चोरी कर लिए। इसके अलावा विद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने साथ ले गए। चोरी गए सामान की कीमत करीब तीन से चार लाख रुपये आंकी जा रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद विद्यालय प्रबंधन ने स्थानीय थाने को सूचना देकर लिखित आवेदन दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। चोरी की इस घटना को अंजाम देने का तरीका काफी चौंकाने वाला है। चोरों ने कंप्यूटरों को पूरी तरह उठाने के बजाय उनके सीपीयू खोलकर केवल अंदर लगे महंगे और जरूरी उपकरणों को निशाना बनाया। इससे प्रतीत होता है कि चोरों ने कंप्यूटर के महत्वपूर्ण पार्ट्स की पहचान कर उन्हें निकालने का प्रयास किया। स्थानीय स्तर पर इसे सुनियोजित और तकनीकी जानकारी के साथ की गई चोरी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, चोरी किसने और किस तरह की, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।
सफाई कर्मी ने दी चोरी की सूचना
घटना का पता सुबह उस समय चला, जब विद्यालय का सफाई कर्मी आईसीटी लैब पहुंचा। वहां कंप्यूटरों की हालत देखकर उसने तत्काल प्रभारी प्रधानाध्यापक निरंजन शर्मा को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने पर प्रधानाध्यापक विद्यालय पहुंचे और लैब का निरीक्षण किया। जांच के दौरान करीब 16 कंप्यूटरों के सीपीयू से हार्ड डिस्क, प्रोसेसर और रैम समेत कई महत्वपूर्ण पार्ट्स गायब मिले। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी नहीं था। इसके बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक ने स्थानीय थाने को घटना की सूचना दी और लिखित आवेदन सौंपा। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, चोरी से लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। चोरों ने कंप्यूटर के अन्य उपकरणों को छोड़कर मुख्य रूप से उन पार्ट्स को निशाना बनाया, जिनके बिना कंप्यूटर का उपयोग करना मुश्किल हो जाता है।
रात्रि प्रहरी की तैनाती के बावजूद चोरी
विद्यालय में रात्रि प्रहरी की तैनाती होने के बावजूद चोरी की घटना सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोर विद्यालय परिसर में किस रास्ते से दाखिल हुए और उन्होंने इतनी बड़ी वारदात को किस तरह अंजाम दिया। रात्रि प्रहरी से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना के समय की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी जुटाई जा सके।
विद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर चोरी हो जाने से जांच में चुनौती आ सकती है। पुलिस घटना से जुड़े अन्य संभावित साक्ष्यों और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांच कर रही है।
ग्रामीणों ने जताई चिंता, पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका
विद्यालय में हुई चोरी को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। स्थानीय निवासी सुधीर कुमार ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान में इस तरह की घटना गंभीर मामला है। कंप्यूटर विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए महत्वपूर्ण संसाधन हैं। इनके उपकरण चोरी होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत बताई। विद्यालय के पूर्व प्रधानाध्यापक रणविजय शर्मा ने भी घटना को दुखद बताते हुए मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, विद्यालय में 13 वर्षों तक सेवा दे चुके रामाधार शर्मा ने कहा कि कंप्यूटर शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में विद्यालय की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
पहले भी चोरी होने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी इस मॉडल विद्यालय में चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद इस बार 16 कंप्यूटरों के महत्वपूर्ण पार्ट्स और सीसीटीवी का डीवीआर चोरी हो जाना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाता है। लोगों का कहना है कि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कंप्यूटर लगाए गए हैं। यदि इनकी सुरक्षा नहीं होगी, तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ सकता है। थानाध्यक्ष के अनुसार, मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी गई है। रात्रि प्रहरी से पूछताछ सहित अन्य बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने जल्द ही चोरी में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की बात कही है। फिलहाल, इस घटना ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में चोरों की पहचान कब तक हो पाती है और विद्यालय में दोबारा ऐसी घटना न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
Jehanabad News: High-tech theft at a Model School; thieves dismantled 16 computer CPUs and made off with the hard disks, processors, and RAM.



















