पिता अरविंद वर्मा ने पत्रकारों, पुलिस और सहयोग करने वाले युवक अजय कुमार का जताया आभार, बोले- आप सभी की मदद से वापस मिला मेरा बेटा
जहानाबाद (Jehanabad): जिले के काको थाना क्षेत्र के काजीसराय गांव से आठ अक्टूबर से लापता 13 वर्षीय आदित्य राज आखिरकार सकुशल मिल गया है। बेटे के मिलने से पिछले कई दिनों से परेशान परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों की आंखों में जहां बेटे को वापस पाने की खुशी है, वहीं उसे खोजने में मदद करने वाले लोगों के प्रति आभार भी है। आदित्य बिहार के गया जिले में मिला, जहां एक युवक ने उसे पहचानने के बाद उसके परिजनों से संपर्क किया और सुरक्षित उन्हें सौंप दिया। परिजनों ने बच्चे के सकुशल मिलने पर राहत की सांस ली है।
आदित्य के पिता अरविंद वर्मा ने बेटे के मिलने पर सबसे पहले पत्रकारों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके बेटे के लापता होने की खबर प्रकाशित होने से उसकी तलाश में काफी मदद मिली। खबरों के माध्यम से बच्चे की तस्वीर और पहचान अधिक से अधिक लोगों तक पहुंची, जिसके कारण गया में मौजूद युवक की नजर उस पर पड़ी और बेटे को खोजने में सफलता मिली। उन्होंने भावुक होकर कहा कि पत्रकारों के सहयोग का ही परिणाम है कि आज उनका बच्चा उनके पास सुरक्षित है।
गया में ट्रेन का इंतजार कर रहे युवक की नजर आदित्य पर पड़ी
आदित्य के मिलने की कहानी भी काफी अहम है। जानकारी के अनुसार, सासाराम में पढ़ाई करने वाला अजय कुमार किसी काम से गया गया था। वह वहां ट्रेन पकड़ने के लिए बैठा हुआ था। इसी दौरान उसकी नजर आदित्य पर पड़ी। समाचार माध्यमों में बच्चे के लापता होने से संबंधित खबर देखने के कारण अजय को वह किशोर परिचित लगा। उसे संदेह हुआ कि यह वही बच्चा है, जिसकी तलाश की जा रही है।
इसके बाद अजय ने आदित्य से बातचीत की और उसके बारे में जानकारी जुटाई। खबर में प्रकाशित संपर्क नंबर के माध्यम से उसने बच्चे के परिजनों से संपर्क किया। सूचना मिलते ही परिजन वहां पहुंचे और आदित्य को अपने साथ ले गए। इस तरह अजय की सतर्कता और तत्परता से लापता किशोर अपने परिवार से दोबारा मिल सका। आदित्य के सकुशल मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली है।
अजय कुमार को परिजनों ने बताया भगवान का रूप
बेटे को सुरक्षित वापस पाने के बाद अरविंद वर्मा और उनके परिवार ने अजय कुमार के प्रति विशेष आभार जताया। परिजनों ने कहा कि जिस समय उनका बच्चा लापता था, उस दौरान पूरा परिवार परेशान था और हर दिन उसकी तलाश में बीत रहा था। ऐसे कठिन समय में अजय कुमार ने जिस तत्परता और जिम्मेदारी का परिचय दिया, वह उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
परिजनों ने भावुक होकर कहा कि अजय कुमार उनके लिए भगवान के रूप में सामने आए। यदि वह बच्चे को पहचानकर आगे नहीं आते और परिवार को सूचना नहीं देते, तो आदित्य को खोजने में और कितना समय लगता, यह कहना मुश्किल था। परिवार ने युवक के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए उसे धन्यवाद दिया।
पिता बोले- पत्रकारों की खबरों से मिली बड़ी मदद
अरविंद वर्मा ने कहा कि बेटे के लापता होने के बाद से वे लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। उन्होंने अपने रिश्तेदारों, परिचितों और बेटे के दोस्तों के यहां जाकर जानकारी जुटाई, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल रहा था। इसके बाद बेटे की गुमशुदगी की खबर विभिन्न समाचार माध्यमों पर प्रकाशित हुई। उन्होंने कहा कि पत्रकारों ने अपने-अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चे की तस्वीर और पहचान के साथ खबर प्रसारित कर उनकी मदद की।
पिता ने कहा कि पत्रकारों के प्रयास से ही आदित्य की पहचान अधिक लोगों तक पहुंच सकी और अंततः गया में मौजूद अजय कुमार की नजर उस पर पड़ी। उन्होंने सभी पत्रकारों को धन्यवाद देते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में मीडिया ने उनके परिवार का साथ दिया। उनके लिए यह सहयोग हमेशा यादगार रहेगा।
पुलिस और प्रशासन का भी जताया आभार
बेटे की तलाश के दौरान मिले सहयोग के लिए अरविंद वर्मा ने (Jehanabad) पुलिस और प्रशासन को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने विशेष रूप से काको थाना प्रभारी और जहानाबाद के पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार के सहयोग की सराहना की। पिता के अनुसार, बच्चे के लापता होने के बाद पुलिस की ओर से मामले को गंभीरता से लिया गया और उन्हें समय-समय पर उसके संबंध में जानकारी दी जाती रही।
उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों और कर्मियों ने भी उनकी परेशानी को समझते हुए सहयोग किया। परिजनों ने पत्रकारों, पुलिस प्रशासन, अजय कुमार और उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने किसी न किसी रूप में आदित्य की तलाश में मदद की।
कई दिनों बाद घर लौटी खुशियां
गौरतलब है कि 13 वर्षीय आदित्य राज आठ अक्टूबर 2026 की शाम करीब 4:30 बजे अपने घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। वह काजीसराय स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में छठी कक्षा का छात्र है। उसके लापता होने के बाद परिवार ने काफी खोजबीन की और काको थाना में लिखित आवेदन देकर पुलिस से मदद मांगी थी। बेटे के घर नहीं लौटने से परिवार के लोग लगातार परेशान थे।
अब आदित्य के सकुशल मिलने से परिवार में खुशियां लौट आई हैं। परिजनों के अनुसार, बच्चा स्वस्थ है। परिवार ने राहत की सांस लेते हुए उन सभी लोगों का आभार जताया, जिन्होंने उसकी तलाश में सहयोग किया। यह घटना बताती है कि किसी लापता बच्चे की तस्वीर और सही जानकारी को समाचार माध्यमों के जरिए अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। साथ ही, अजय कुमार की सजगता और मानवीय पहल ने एक परिवार को उसकी सबसे बड़ी खुशी वापस दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
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