दिल्ली के कालकाजी में 75 वर्षीय बुजुर्ग का शव पांच दिन बाद मिला। घटना ने अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और परिवार की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए।
Delhi Elderly Man’s Body Found After 5 Days

दिल्ली के कालकाजी से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। कालकाजी में एक किराए के कमरे पर पांच दिन से 75 वर्षीय संगीतकार पिता की मृत्यु हो गई और इसकी खबर किसी ने नहीं ली। पिता का शव सड़ता रहा, जबकि मात्र पांच किलोमीटर दूर लाजपत नगर से बच्चों को उनका हाल लेने की भी फुर्सत नहीं मिली।
14 अगस्त की रात जब आस पास दुर्गंध आने पर लोगों ने पुलिस बुलाई और बेटों को सूचना दी तो बेटों ने रात के समय आने से ही मना कर दिया। अगले दिन भी बच्चे नहीं आये। पुलिस के दबाव बनाने पर 16 अगस्त को बेटे मार्चरी पहुंचे और पोस्टमार्टम के बाद दाह संस्कार के लिए शव ले गए।
बाथरूम के गेट पर मिला शव
दक्षिणी जिला पुलिस उपायुक्त डा. हेमंत तिवारी के मुताबिक रबी डे गोविंदपुरी एक्सटेंशन में मकान नंबर 1740/5, ग्राउंड फ्लोर पर पिछले तीन वर्षों से रह रहे थे। 14 अगस्त की रात कालकाजी थाने की टीम को रात 11 बजे कमरे से तेज दुर्गंध आने की सूचना मिली। टीम मौके पर पहुंची तो पाया कि लोहे का गेट अंदर से बंद था और अंदर जाने का कोई दूसरा रास्ता नहीं था। फायर ब्रिगेड की मदद से दरवाजा खोला गया तो रवि डे का शव बाथरूम के गेट पर पड़ा मिला। उनके शरीर पर कपड़े नहीं थे। शव पूरी तरह सड़-गल चुका था और कीड़े पड़ रहे थे। मौके पर क्राइम व फोरेंसिक टीम ने जांच की और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने पड़ोसियों से पूछताछ कर लाजपत नगर में रहने वाले उनके दो बेटों को सूचना दी।
पुलिस का कहना है कि सूचना के बाद बेटों ने आने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स में रखवा दिया गया। लाजपत नगर-दो में रहने वाले बेटों तोरजो डे और रोंगोन डे ने बताया कि उनके माता-पिता का तलाक हो चुका था।
दोनों बेटों का कहना है कि काम में व्यस्तता के कारण वे पिछले कुछ दिनों से पिता से संपर्क नहीं कर पाए थे। पुलिस के मुताबिक 16 अगस्त को एम्स मार्चरी में पोस्टमार्टम कर शव बेटों को सौंप दिया गया। प्रथम दृष्टया किसी गड़बड़ी या अपराध का संकेत नहीं मिला है। बीएनएस की धारा 194 के तहत कार्रवाई कर रही है। सवाल पुलिस पेट्रोलिंग को लेकर भी है। दक्षिणी व दक्षिणी पूर्वी जिले में अकेले रहने वाले बुजुर्गों का पंजीयन किया था। सुबह-शाम बीट अफसर को उनका फीडबैक लेने था। यदि व्यवस्था सही होती तो कम से कम पांच दिन तक रबी डे का शव सड़ता नहीं।
व्यवसायी के निधन पर नहीं पहुंची थी बेटियां
इससे पहले सोनीपत से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था जहां एक ओल्ड एज होम में 74 वर्षीय बुजुर्ग शिव चरण राम रत्न गुप्ता (मुंबई के पूर्व व्यवसायी) का निधन हो गया। उनकी विभिन्न शहरों में रहने में तीन बेटियां अंतिम संस्कार में नहीं आ सकीं। बेटियों ने संस्था को 5100 रुपये भेजकर अंतिम संस्कार करने को कहा और वीडियो काल के जरिए अंतिम दर्शन किए थे।
Author: AK
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