एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्जमाफी और रोजगार की मांग; बाढ़-सुखाड़ से राहत व जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन
जहानाबाद। बिहार राज्य किसान सभा, सीआईटीयू, बिहार प्रांतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन जिला कमेटी जहानाबाद समेत विभिन्न किसान-मजदूर संगठनों ने सोमवार को राष्ट्रीय आह्वान पर जेल भरो आंदोलन किया। आंदोलन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी को 19 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। बिहार राज्य किसान सभा के जिला सचिव दिलीप कुमार ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों से किसान, मजदूर और गरीब वर्ग परेशान हैं। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जबकि खाद-बीज की कीमत और कृषि लागत लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कृषि उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, किसानों और मजदूरों की कर्जमाफी तथा खाद-बीज की कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की। आंगनवाड़ी सेविका वीणा कुमारी ने महिलाओं और आंगनवाड़ी कर्मियों की समस्याओं के समाधान की मांग की। उन्होंने कहा कि गरीब एवं मजदूर परिवारों के बच्चों और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को मजबूत करने के साथ आंगनवाड़ी कर्मियों को उचित मानदेय और आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए।
ज्ञापन में प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को वापस लेने, चार श्रम संहिताओं को रद्द करने, बिजली अधिनियम 2025 को वापस लेने तथा पुराने मनरेगा कानून को लागू करने की मांग की गई। इसके अलावा भूमिहीन गरीब परिवारों को आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराने, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के निजीकरण पर रोक लगाने और बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग भी शामिल है। संगठनों ने खाद-बीज की खरीद में किसान आईडी की बाध्यता समाप्त करने, राशन कार्ड से नाम काटने पर रोक लगाने और सभी पात्र लाभुकों को वृद्धावस्था पेंशन देने की मांग उठाई। साथ ही बाढ़, सुखाड़ और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था, बंद पड़े नलकूपों को चालू करने तथा सुखाड़ प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने की मांग की गई।आंदोलनकारियों ने फल्गु नदी को सोन नदी से जोड़ने समेत अन्य मांगों पर भी शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
Jehanabad News: ‘Fill the Jails’ agitation by farmer and labour organizations over 19-point demands.



















